सियोल: हाल ही में दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट के पास एक मिसाइल दागी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तर कोरिया ने कईं मिसाइल परिक्षण किए हैं लेकिन यह अब तक दागी गई मिसाइलों में हाल ही में किया गया है।
बिते 6 जनवरी को उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परिक्षण से आस-पास के क्षेत्रों में इस परमाणु परिक्षण को लेकर तनाव बढ़ गया था। इस बात का पता उस समय लगा, जब उत्तर कोरियाई रेडियो तरंगें जाम हो जाने के कारण मछली पकड़ने वाली 70 से अधिक नौकाओं को जबरन वापस बंदरगाह जाना पड़ा। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर पूर्वी शहर सोंडोक से दागी गई।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मिसाइल के लक्षित बिंदु और पथ की पुष्टि तत्काल नहीं की जा सकी। दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने कहा कि यह मिसाइल पूर्वी सागर (जापान सागर) में 100 किलोमीटर तक गई। यह प्रक्षेपण ऐसे समय पर किया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में वाशिंगटन में दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन चल रहा है। इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति और चीन, दक्षिण कोरिया एवं जापान के नेताओं के बीच की बातचीत का प्रमुख बिंदु उत्तर कोरिया ही है।
ओबामा ने गुरुवार को उत्तर कोरिया के हालिया परमाणु परीक्षण और फिर लंबी दूरी के रॉकेट प्रक्षेपण के बाद उस पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के कड़े सुरक्षा उपायों को सतर्कता के साथ लागू करने की जरूरत की बात कही थी। प्योंगयांग की सरकारी मीडिया ने इस सम्मेलन को परमाणु हथियारों तक उत्तर कोरिया की वैध पहुंच में दोष ढूंढ़ने का एक बेतुका प्रयास करार दिया। संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए मौजूदा प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया द्वारा किसी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जाना प्रतिबंधित है।
पिछले माह उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी की दो मिसाइलें दागी थीं। इन प्रक्षेपणों से जापान जैसे पड़ोसी देशों पर मंडराने वाले खतरे के कारण इन्हें कहीं अधिक बड़े उकसावे के तौर पर देखा गया था। शुक्रवार को सोल ने कहा कि उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया के जीपीएस सिगनल जाम करने के लिए रेडियो तरंगों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे बहुत से विमान और पोत प्रभावित हो रहे हैं। एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता जेओंग जून-ही ने पत्रकारों को बताया, ‘‘जीपीएस जाम कर देना उकसावे वाला काम है। हम उत्तर कोरिया से अपील करते हैं कि वह ऐसे उकसावे वाले काम बंद करे और इस तरीके से काम करे, जिससे कोरियाई देशों के संबंध सुधारने में मदद मिले।’’