लाहौर: पाकिस्तान में लश्कर आतंकी सूफियान जफर को 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के संदिग्ध के तौर पर बीते अगस्त में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वहां की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अब उसे दोषमुक्त करार दिया है। एजेंसी ने कहा है कि आरोपी जफर के खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हो पाया। एजेंसी ने ऐंटि-टेररिजम कोर्ट में जो चार्जशीट दी है, उसमें सुफियान का नाम दूसरे कॉलम में लिखा गया है, जिसका अर्थ यह है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया गया।
जफर पर मुंबई आतंकी हमले के दौरान 14,800 रुपये की वित्तीय मदद देने का आरोप था। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि जफर ने अन्य आरोपियों को बगैर यह जाने रुपये दिए कि वह इसका इस्तेमाल कहां करने वाले हैं। इसके अलावा उसपर जमील रियाज नाम के सह-आरोपी को 30 लाख 98 हजार रुपये मुहैया कराने का आरोप था, लेकिन FIA को इसमें भी कोई सबूत नहीं मिला। अधिकारी ने बताया कि अब जफर पर कोर्ट में चार्जशीट फाइल नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि मुंबई आतंकी हमले में अपराधी करार दिए जाने के बाद से ही जफर भूमिगत हो गया था। उसे अगस्त की शुरुआत में खैबर पख्तूनख्वाह में उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया था। जफर का घर पंजाब के गुजरावाला शहर में है और वह उन 21 भगोड़े संदिग्धों में से एक था जो इस आतंकी हमले में वांछित हैं। प्रमुख संदिग्ध और लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी जकी-उर-रहमान लखवी को मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है और वह जमानत मिलने के बाद से फरार है। मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की जान गई थी।