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पाकिस्तान में हिंदू विरोधी टिप्पणी के लिए मंत्री की गई कुर्सी, इमरान खान ने दिया पद से हटाने का निर्देश

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 05, 2019 06:06 pm IST,  Updated : Mar 05, 2019 09:48 pm IST

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सूचना एवं संस्कृति मंत्री फयाजुल हसन चौहान से उनकी हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर मंगलवार को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था।

Fayaz-ul-Hasan Chohan- India TV Hindi
Fayaz-ul-Hasan Chohan

लाहौर: पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की सरकार ने अपने सूचना एवं संस्कृति मंत्री फयाजुल हसन चौहान को उनकी हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर मंगलवार को पद से हटा दिया। मंत्री की टिप्पणी को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से उनकी तीखी आलोचना की गई थी। तहरीके इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने चौहान की ‘हिंदू विरोधी’ टिप्पणी को गंभीरता से लिया और पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार से उन्हें तत्काल पद से हटाने का निर्देश दिया। 

पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘‘पीटीआई पंजाब सरकार ने फयाज चौहान को हिंदू समुदाय के बारे में अनादरपूर्ण टिप्पणी के लिए पंजाब के सूचना मंत्री पद से हटा दिया है।’’ इसमें कहा गया, ‘‘किसी की आस्था की आलोचना करना किसी टिप्पणी का हिस्सा नहीं होना चाहिए। सहिष्णुता वह पहला और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है जिस पर पाकिस्तान का निर्माण हुआ था।’’ पंजाब के मुख्यमंत्री के एक प्रवक्ता ने कहा कि चौहान ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा जिसे तत्काल स्वीकार कर लिया गया। 

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने चौहान द्वारा अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद उन्हें माफ कर दिया था लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुजदार को चौहान को तत्काल अपने मंत्रिमंडल से हटाने का निर्देश दिया। चौहान ने पुलवामा हमले के बाद 24 फरवरी को एक कार्यक्रम में विवादास्पद टिप्पणी की थी जिसको लेकर वह अपनी पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ’ सरकार के वरिष्ठ सदस्यों, मंत्रियों और सोशल मीडिया इस्तेमालकर्ताओं की ओर से निशाने पर आ गए थे। इससे पहले दिन में चौहान ने तीखी आलोचना के बाद माफी मांग ली। 

उन्होंने कहा,‘‘मेरे निशाने पर पाकिस्तान में हिंदू समुदाय नहीं बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय सशस्त्र बल और उनकी मीडिया थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरी टिप्पणी से यदि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को ठेस लगी है तो मैं माफी मांगता हूं। मेरी टिप्पणी किसी भी तरह से पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के खिलाफ नहीं थी।’’ ‘पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ’ के नेता नईमुल हक ने कहा कि पार्टी की सरकार यह बर्दाश्त नहीं करेगी। 

इसके साथ ही मानवाधिकार एवं वित्त मामलों के संघीय मंत्रियों क्रमश: शिरीन मजारी और असद उमर ने भी चौहान की टिप्पणी की निंदा की। उमर ने ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्तान के हिंदू, राष्ट्र के ताने बाने का उतना ही हिस्सा हैं जितना मैं हूं ।इस बात को याद रखें कि पाकिस्तान का राष्ट्रध्वज केवल हरा नहीं है ... यह सफेद रंग के बिना अधूरा है जो अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करता है।’’ विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने भी ट्वीट करके कहा, ‘‘पाकिस्तान को गर्व है कि उसके झंडे में हरे के साथ ही सफेद रंग भी है, देश हिंदू समुदाय के योगदान को महत्व देता है और उनका सम्मान करता है।’’ सरकारी अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में 73 लाख हिंदू रहते हैं । हालांकि समुदाय का कहना है कि देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं । यह पाकिस्तान में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। पाकिस्तान के अधिकांश हिंदू सिंध प्रांत में बसे हुए हैं जहां वे मुस्लिम समुदाय के साथ संस्कृति, परंपरा और भाषा को साझा करते हैं। 

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