इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारतीय मीडिया की उन खबरों को खारिज कर दिया है जिसमें ढाका के कैफे में शुक्रवार की रात हुए हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। इस हमले में आतंकियों ने एक भारतीय लड़की सहित 20 लोगों की हत्या कर दी थी। मारे गए लोगों में अधिकतर विदेशी हैं। डॉन ऑनलाइन के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने इन आरोपों को आधारहीन करार दिया है और खबरों को बेहद खेदजनक बताया है।
भारतीय मीडिया के एक वर्ग ने खबर दी थी कि बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसानुल हक और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार गौहर रिजवी ने एक जुलाई की रात हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) को जिम्मेदार ठहराया है।
जकरिया ने एक बयान में कहा, "ये कहानियां पूरी तरह आधारहीन हैं। इस तरह के आरोपों को पाकिस्तान पूरी तरह खारिज करता है। ये खबरें गैर जिम्मेदाराना एवं उकसाने वाली हैं।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस हमले से जुड़ी मीडिया की इन खबरों के तुरंत खंडन के लिए गौहर रिजवी की हार्दिक सराहना करता है। इस हमले का दावा आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ने किया है।
रिजवी ने बांग्लादेश स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में संपर्क किया और कहा कि बांग्लादेश सरकार ने इस तरह का कोई बयान नहीं जारी किया है और भारतीय मीडिया की खबरें गलत हैं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि पाकिस्तान उच्चायोग इस स्पष्टीकरण को पाकिस्तान सरकार तक पहुंचा दें ताकि दोनों देशों के बीच किसी तरह की गलतफहमी न हो।
पाकिस्तान ने शनिवार को ढाका आतंकी हमले की निंदा की थी और बांग्लादेश की सरकार और जनता के साथ एकजुटता का इजहार किया था।
जकरिया ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद से खुद पीड़ित पाकिस्तान गौहर रिजवी द्वारा इस बुराई से लड़ने के लिए वैश्विक सहयोग के आह्वान का स्वागत करता है।"
कम से कम सात बंदूकधारियों ने शुक्रवार की रात बांग्लादेश की राजधानी के चर्चित कैफे 'होली आर्टिसन बेकरी' पर हमला किया था और कैफे में बैठे लोगों को बंधक बना लिया था। इन लोगों ने 20 बंधकों की हत्या कर दी थी। शनिवार की सुबह बांग्लादेशी सेना के अभियान 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' में छह आतंकी मारे गए थे जबकि सातवां गिरफ्तार कर लिया गया था।