इस्लामाबाद: महज दो सप्ताह में पांचवी बार पाकिस्तान ने आज भारतीय उप उच्चायुक्त को तलब किया और नियंत्रण रेखा पर भारतीय बलों द्वारा बिना किसी उकसावे के की गई कथित गोलीबारी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि महानिदेशक :दक्षिण एशिया एवं दक्षेस: डॉ मोहम्मद फैजल ने आज भारतीय उप उच्चायुक्त जे पी सिंह को तलब किया और भारतीय बलों द्वारा कल निकेल एवं जांदरोट सेक्टरों में बिना किसी उकसावे के किए गए संघर्षविराम उल्लंघनों की कड़ी निंदा की।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि गोलीबारी में तीन नागरिकों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। मरने वालों में एक महिला और घायलों में पांच साल का एक बच्चा भी शामिल था।
बयान में कहा गया, महानिदेशक ने भारतीय पक्ष से वर्ष 2003 के संघर्षविराम समझौते का सम्मान करने के लिए, लगातार हो रहे संघर्षविराम की घटनाओं की जांच करने के लिए, संघर्षविराम समझौते का अक्षरश: सम्मान करने के लिए, गांवों और नागरिकों को निशाना बनाना बंद करने के लिए और नियंत्रण रेखा पर शांति कायम रखने के लिए कहा।
उप उच्चायुक्त को 25, 26, 28 अक्तूबर और एक नवंबर को भी संघर्षविराम के कथित उल्लंघनों के बाद विदेश कार्यालय द्वारा तलब किया गया था।
विदेश सचिव ऐजाज चौधरी ने 27 अक्तूबर को भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावले को विदेश मंत्रालय में तलब किया था और उन्हें पाकिस्तान सरकार द्वारा भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को अवांछित व्यक्ति करार देने के फैसले की जानकारी दी थी।