पाकिस्तान के रक्षा, जल एवं बिजली मंत्री ख़्वाजा आसिफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान सिंधु जल संघि पर किसी भी प्रकार का कोई विदेशी दबाव स्वीकार्य नही करेगा। ये संघि दोनों देशों के बीच जल बंटवारे के लिए 1960 में हुई थी।
आसिफ ने मीडिया से कहा कि संघि की हर शर्त का दोनों पक्षों को पालन करना चाहिये। बगलीहार और किशनगंज परियोजना के बाद भारत द्वारा चेनाब नदी पर रातले बांध बनाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस मसले पर डेढ़ साल तक संयम से काम लिया लेकिन पाकिस्तान का केस मज़बूत है और हम हर क़ीमत पर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि संधि के ज़रिये युद्ध टाला जा सकता है और इसीलिये पाकिस्तान चाहता है कि इसे पूर्णतया लागू किया जा।।