पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ज़रदारी यूं तो भारत के ख़िलाफ़ कई भड़काऊ बयान देने के चलते सुर्खियों में रहते हैं किन इस बार सुर्ख़ियों की वजह कुछ और है। इस बार पाकिस्तान के कराची में बिलावल ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों के साथ दिवाली का त्योहार मनाया। क्लिफ्टन में बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने शिव मंदिर में जाकर पूजा की। इस दौरान केवल बिलावल ही नहीं बल्कि सिंध की सरकार भी मौजूद थी। शिव मंदिर में पूजा के बाद बिलावल भुट्टो ने कहा- पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को पूरी आज़ादी है।
बिलावल भुट्टो कड़े पहरे के बीच कराची के क्लिफटन में भगवान शिव के मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उनकी पार्टी की शेरी रहमान समेत सभी बड़े नेता मौजूद थे साथ ही सिंध के चीफ मिनिस्टर सैयद मुराद अली शाह से लेकर पूरा सरकारी तंत्र था। सबकी मौजूदगी में बिलावल ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के साथ दिवाली का त्योहार मनाया।
पूरे मंत्रोच्चारण के साथ पंडित ने बिलावल को दिवाली की पूजा करवाई, संस्कृत में मंत्र पढ़े गए। महादेव के सामने बिलावल काफी देर तक हाथ जोड़कर बैठे रहे। फिर आरती उतारी और दूध से अभिषेक किया। पूजा पूरे रीति रिवाज से संपन्न हुई।
मंदिर में पूजा के बाद समर्थकों ने बिलावल के साथ सेल्फी भी ली, उन्हें गले लगकर दीवाली की बधाई दी। दीवाली की पूजा के बाद मीडिया से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने कहा कि वह दिवाली का त्योहार और धूमधाम से मनाते लेकिन क्वेटा में हुए आतंकी हमले की वजह से ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद बिलावल ने ये भी कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को भी पूरी आज़ादी है। यहां कभी भी किसी की धार्मिक मान्यता पर हमला नहीं किया गया।
इस मौक़े पर लगे हाथों बिलावल ने अपनी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक पर भड़ास निकाल दी। उन्होंने कहा कि पाक प्रदानमंत्री नवाज़ शरीफ़ आतंकी ओसामा बिन लादेन से फंडिंग लेते थे। मोदी पर उन्होंने कहा कि वह विश्व में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ माहौल बना रहे हैं और अब अमेरिका भी उनकी बोली बोलने लगा है।
वैसे ये पहला मौका नहीं है जब बिलावल भुट्टो अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों के साथ दिवाली मनाते नज़र आए हो। पिछले 2 सालों से वो हर बार दीवाली मनाने हंदू समुदाय के बीच आते हैं। 2014 में बिलावल ने सिंध के लरकाना में दीवाली मनायी थी। इस मामले में बिलावल अपनी मां के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। बिलावल की मां और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टों ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उनके बीच जा कर दिवाली का त्योहार मनाने की शुरुआत की थी।