1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. फाइटर प्लेन, टैंक और ऑटोमैटिक राइफलों से टूरिज़्म को बढ़ावा देगा रूस

फाइटर प्लेन, टैंक और ऑटोमैटिक राइफलों से टूरिज़्म को बढ़ावा देगा रूस

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 02, 2016 09:29 pm IST,  Updated : May 02, 2016 09:29 pm IST

​मास्को: रूसी सरकार के कर्ता-धर्ता इनदिनों एक अजीबोगरीब योजना पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य है, फाइटर प्लेन, टैंक और ऑटोमैटिक राइफलों से विदेशी टूरिस्ट्स को रूस की धरती पर आने के लिए आकर्षित

Tank firing- India TV Hindi
Tank firing

मास्को: रूसी सरकार के कर्ता-धर्ता इनदिनों एक अजीबोगरीब योजना पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य है, फाइटर प्लेन, टैंक और ऑटोमैटिक राइफलों से विदेशी टूरिस्ट्स को रूस की धरती पर आने के लिए आकर्षित करना। इसे डिफेंस टूरिज़्म का नाम भी दिया जा रहा है। यूक्रेन में जारी संघर्ष और क्रीमिया के संयोजन के बीच रूस का ध्यान पूरी तरह इस 'रक्षा पर्यटन' पर है।

पर्यटकों को युद्ध के हालात जैसा अनुभव कराने का दावा

रूस पहुंचने वाले पर्यटकों की देखरेख व संचालन करने वाले टूर आपरेटर इन दिनों पर्यटकों को लड़ाई जैसा अनुभव देने का दावा कर रहे हैं। टूर आपरेटरों के मुताबिक एके-47 एसॉल्ट राइफलों से लैस होकर पर्यटकों को अंडरग्राउंड फाइरिंग रेंज में फायरिंग कराया जाएगा और टी-90 टैकों में बैठाकर युद्धभूमि का नजारा दिखाया जाएगा। साथ ही एमआईजी-29 विमान में लगभग अंतरिक्ष तक की सैर कराई जाएगी। जापान के पर्यटक तोशीहीरो योकोई और उनके दोस्त के लिए मानो यह किसी सपने के सच होने जैसा है। इन दोनों ने 15 से 18 हजार यूरो खर्च करके एमआईजी-29 में बैठकर आसमान में लट्टू की तरह घूमने का आनंद लिया। योकोई और उनके दोस्त के लिए यह जिंदगी भर का अनुभव है।

विशालकाय टी-90 टैंकों की सवारी भी करेंगे टूरिस्ट

एमआईजी में बैठकर 9जी (जी-फोर्स) का अनुभव करने वाले योकोई ने कहा, "विमान में बैठकर रोमांचक उड़ान के दौरान हमने जो अनुभव किया, वह रोमांचक और रोचक रहा।" अब योकोई वोल्गा फेडरल डिस्ट्रिक्ट में चार इंजनों वाले आईएल-76 विमान में बैठकर जीरो ग्रेवेटी का आनंद लेना चाहते हैं। इसके अलावा जो लोग फाइटर जेट और टैंक का अनुभव साथ-साथ लेना चाहते हैं, वे मास्को से 1000 मील दूरी पर स्थित उरालवागोनजावोद में दुनिया के सबसे बड़ी टैंक निर्माता कंपनी तक जाएंगे और विशालकाय टी-90 टैंकों की सवारी करेंगे। यह सवारी अप्रैल से शुरू हो चुकी है।

बिना सेना में भर्ती हुए एक दिन के लिए बन जाएं सैनिक

साथ ही लोग यहां आर्मर म्यूजियम की सैर कर सकेंगे, जहां ग्रेट वॉर के टैंक, सैन्य उपकरण और असलहे रखे गए हैं। जो लोग पुरानी चीजें पसंद करते हैं और जिन्हें विश्व युद्ध से जुड़ी चीजें, रूसी नेता जोसेफ स्टालिन के बंकर से प्यार है, वे भी पर्यटन के नए आकर्षण का हिस्सा बन सकते हैं। अगर कोई यह महसूस करना चाहता है कि सेना में रहकर कैसा महसूस किया जा सकता है तो नया पर्यटन सर्किट आपको एक दिन सेना में रहकर ट्रेनिंग कैंप में बिताने का मौका देगा, जहां आप सैनिकों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

अगली स्लाइ़ड पर जाएं और जानें कि कैसे शुरू हुआ डिफेंस टूरिज़्म पर काम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश