इस्लामाबाद: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रूकी हुई वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बीच यह मुलाकात हुई है जिसका उदेश्य संबंधों को सुधारना है। विदेश सचिव एस. जयशंकर और विदेश मामलों पर शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज सहित अन्य लोग भी इस बैठक में मौजूद थे। इससे पहले अफगानिस्तान पर हुई बहुपक्षीय बैठक के दौरान सुषमा ने कहा था कि यही समय है कि भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए परिपक्वता और आत्मविश्वास दिखाना चाहिए क्योंकि दुनिया बदलाव के पक्ष में है।
विदेश मंत्री ने कहा, यही वक्त है जब हमें एक-दूसरे के साथ काम करने को लेकर परिपक्वता और आत्मविश्वास दर्शाना चाहिए तथा क्षेत्रीय व्यापार एवं सहयोग को मजबूत बनाना चाहिए। पूरी दुनिया बदलाव का इंतजार कर रही है और उसके पक्ष में है। उन्हें निराश ना करें। उन्होंने कहा, अपनी तरफ से, भारत सहयोग को उस गति से आगे बढ़ाने को तैयार है, जिसमें पाकिस्तान को सहूलियत हो। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के लिए दोपहर के भोज की भी मेजबानी की। अफगानिस्तान पर दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में भाग लेने के लिए सुषमा कल यहां पहुंचीं।
इससे पहले सुषमा स्वराज ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में कहा था, "समय आ गया है जब एक-दूसरे के साथ संबंधों को परिभाषित करने में परिपक्वता व आत्मविश्वास दिखाएं और क्षेत्रीय व्यापार एवं सहयोग को मजबूत करें।" उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया था कि भारत, पाकिस्तान की सुविधा के मुताबिक उसके साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं और दोनो देशों को एक-दूसरे के साथ संबंधों में परिपक्वता दिखानी चाहिए।
उधर, अफगानिस्तान के मसले पर इस्लामाबाद में हो रहे हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि हम यह चाहते हैं कि अफगानिस्तान में शांति कायम हो अगर यहां शांति होगी, तो पूरे क्षेत्र में शांति होगी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का दुश्मन पाकिस्तान का भी दुश्मन है। आतंकवाद हम सबका दुश्मन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह चाहता है कि वह अपने सभी पड़ोसियों के साथ रिश्ते मजबूत करे। उन्होंने कहा कि शांति से क्षेत्र का विकास होगा और विकास से ही शांति होगी।