हनोई: वियतनाम की लोक आस्था के मुताबिक 3 लोकों में वास करने वाली 'देवी मां' की पूजा को यूनेस्को ने मान्यता दे दी है। मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार, 'देवी मां' को मानवीय सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर के रूप में पहचान दी गई है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, वियतनाम के 'नाम दिन्ह' राज्य में सोमवार को यूनेस्को कार्यालय की ओर से देश की इस धार्मिक आस्था को एक प्रमाणपत्र देकर मान्यता दी गई। इस मौके पर वियतनाम के संस्कृति, खेल और पर्यटन मंत्री न्गुयेन न्गोक थीन ने कहा कि उनका देश 'देवी मां' की मान्यता के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। देवी पूजा प्राचीन समय के उन विश्वासों पर आधारित है, जिनमें विभिन्न देवी-देवताओं के अवतार की आराधना के माध्यम से लोगों को अच्छा स्वास्थ्य और संपत्ति की प्राप्ति होती है।
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वियतनाम ने 3 लोकों की 'देवी मां' की मान्यता संबंधी एक फाइल यूनेस्को को वर्ष 2015 की धरोहरों की पहचान संबंधी प्रक्रिया के तहत सौंपा थी। लेकिन मूल्यांकन प्रक्रिया 2016 के अंत तक तक विलंबित रही। नाम दिन्ह राज्य, जो वियतनाम की राजधानी हनोई के दक्षिण से 80 किलोमीटर दूरी पर पड़ता है, को 'मां देवी' संबंधी पूजा करने वालों के लिए सबसे बड़े तीर्थस्थल के केंद्र के रूप में माना जाता है। इसके अलावा राज्य भर में 287 मंदिर और अन्य धार्मिक मान्यताओं संबंधी अवशेष हैं।