समरकंद: उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव को शनिवार को भारी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। फिलहाल राष्ट्रपति करीमोव के उत्तराधिकारी को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है और इस वजह से इस देश में राजनीतिक अनिश्चितता की दशा बनी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि 78 वर्षीय करीमोव के निधन का ऐलान शुक्रवार देर रात किया गया।
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इस्लाम करीमोव पिछले 25 सालों से उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति थे और इस देश के पहले राष्ट्रपति भी थे। यही नहीं, सोवियत संघ से टूट कर स्वतंत्र राष्ट्र बने उज्बेकिस्तान की सत्ता पर वह पिछले 27 सालों से आसीन थे। करीमोव को पिछले हफ्ते ब्रेन हैमरेज हुआ था जिसके बाद वह कोमा में चले गए थे। इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि अधिकारी उनके निधन की जानकारी सार्वजनिक करने में देरी कर रहे हैं।

करीमोव को उनके गृहनगर समरकंद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसी के साथ उज्बेकिस्तान में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक शुरू हो गया। लोकप्रिय सिल्क रोड शहर में पुलिस ने पूरे केन्द्र की किलेबंदी कर दी है और सामान्य नागरिकों तथा कारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। करीमोव के लंबे और क्रूर शासनकाल के बावजूद करीमोव के गृहनगर में लोग उनके निधन से दुखी हैं और कुछ युवकों ने काले कपड़े भी पहने हैं।
इससे पहले करीमोव के शव को विमान से समरकंद लाया गया था। उनके जनाजे में रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति ई. रखमोन, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति जी. बर्दीमुखमेदोव और किर्गिज़स्तान, बेलारूस और कजाखस्तान के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए। उज्बेक कानून के मुताबिक करीमोव के बाद अब सीनेट के प्रमुख निगमातुला युलदशेव अगला चुनाव होने तक देश के राष्ट्रपति बने रहेंगे।