इस्लामाबाद: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात देखते हुए परमाणु युद्ध की आशंका जताना ज्यादा मुश्किल नहीं है। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का मानना है कि यह कोई मजाक नहीं है, इसलिए परमाणु हथियार एक आक्रामक विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आप इसे विकसित कर सकते हैं, आप इसकी तस्वीरें प्रदर्शित कर सकते हैं, लेकिन परमाणु हथियार कोई मजाक नहीं है।
रशा टुडे (आरटी) को दिए इंटरव्यू में जरदारी ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे को लेकर चाहें भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बीच तनाव बढ़ गया है, लेकिन सब कुछ ठीक हो जाएगा। पाकिस्तान तहरीके इंसाफ चीफ इमरान खान द्वारा उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में जरदारी से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'खैबर पख्तूनख्वा में इमरान की सरकार ने तालिबान से जुड़े एक इंस्टिट्यूशन को 30 मिलियन की रकम दी है।
पाकिस्तान मिलिटरी अकैडमी के पास ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर जरदारी ने कहा कि ओसामा अकैडमी के पास नहीं था ब्लकि ओसामा एबटाबाद सिटी में रह रहा था। शहर में आप हर घर की जांच नहीं कर सकते। अमरीका ने सबसे बड़ा ऑपरेशन चला उसे मौत के घाट उतार दिया। हमारे पास अमरीका की तरह बहुत इंटेलिजेंस रिसोर्स नहीं थे जिससे उस अफगानिस्तान से उसे नहीं पकड़ा जा सका। यहां तक कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री भी कश्मीरी हैं ।'
पूर्व राष्ट्रपति ने आग्रह किया कि दुनिया अब एक दूसरे पर उंगली उठाना बंद करे।