बैंकॉक: थाईलैंड के वरिष्ठ नेता अनुतिन चार्नविराकुल को शाही अनुमोदन मिलने के बाद रविवार को देश का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है। संसद ने उन्हें दो दिन पहले इस पद के लिए चुना था। चार्नविराकुल के ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री बनाया गया जब उनकी पूर्ववर्ती पैटोंगटॉर्न शिनावात्रा को अदालत के आदेश पर इस पद से हटा दिया गया था। पैटोंगटॉर्न शिनावात्रा थाईलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री थीं, लेकिन वह इस पद पर केवल एक साल ही रह सकीं।
पैटोंगटॉर्न शिनावात्रा को प्रधानमंत्री पद से क्यों पड़ा हटना?
अनुतिन (58) ने प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा का स्थान लिया है, जिन्हें पिछले सप्ताह अदालत द्वारा बर्खास्त कर दिया गया था। उनकी बर्खास्तगी का कारण पड़ोसी देश कंबोडिया के सीनेट अध्यक्ष हुन सेन के साथ हुई लीक हुई फोन कॉल को नैतिकता नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा गया था। अनुतिन इससे पहले पैटोंगटॉर्न के मंत्रिमंडल में उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत थे। फोन कॉल लीक होने के बाद उत्पन्न विवाद के चलते पैटोंगटॉर्न ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और गठबंधन सरकार में अपनी पार्टी का समर्थन वापस ले लिया था।
चार्नविराकुल ने ली पीएम पद की शपथ
अनुतिन चार्नविराकुल को उनकी पार्टी, भूमजैथाई के बैंकॉक मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस समारोह में गठबंधन सरकार में शामिल होने की संभावना वाले दलों के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थे। अपने शपथ ग्रहण समारोह में अनुतिन ने कहा, “मैं शपथ लेता हूं कि मैं पूरी क्षमता, ईमानदारी और सदाचार के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं।”(एपी)