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35 साल बाद ASEAN का हुआ पहला विस्तार, पूर्वी तिमोर को भी बनाया गया समूह का सदस्य

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Oct 26, 2025 02:11 pm IST,  Updated : Oct 26, 2025 02:11 pm IST

इंडोनेशिया से 23 साल पहले अलग होकर स्वतंत्र राष्ट्र बने पूर्वी तिमोर को आसियान समूह के सदस्यों में शामिल कर लिया गया है। यह पूर्वी तिमोर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आसियान देशों के प्रतिनिधि। - India TV Hindi
आसियान देशों के प्रतिनिधि। Image Source : AP

कुआलालंपुर, मलेशिया: दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) ने 1990 के दशक के बाद पहली बार अपना विस्तार किया है। रविवार को कुआलालंपुर में आयोजित भव्य समारोह में पूर्वी तिमोर को आसियान संगठन में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया। यह विस्तार पूरे 35 साल बाद हुआ है। इस ऐतिहासिक क्षण पर पूर्वी तिमोर के प्रधानमंत्री सनाना गुस्माओ ने कहा कि उनका देश आसियान का एक "उपयोगी और सक्रिय सदस्य" साबित होगा। 

आसियान के मंच पर फहराया पूर्वी तिमोर का ध्वज

मंच पर अन्य 10 सदस्य देशों के झंडों के साथ पूर्वी तिमोर (जिसे तिमोर-लेस्ते भी कहा जाता है) का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद गुस्माओ ने अन्य नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, "आज इतिहास रचा गया है।"गुस्माओ ने भावुक स्वर में कहा, "तिमोर-लेस्ते के लोगों के लिए यह न केवल एक सपने का साकार होना है, बल्कि हमारी लंबी स्वतंत्रता संग्राम की यात्रा की सशक्त पुष्टि भी है।"पूर्वी तिमोर 2002 में इंडोनेशिया से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे युवा राष्ट्र बना, अब आसियान का 11वां सदस्य है। इस देश की आबादी मात्र 14 लाख है और यह क्षेत्र का सबसे गरीब राष्ट्र माना जाता है, जहां प्रति व्यक्ति आय औसत से काफी कम है। फिर भी, इसके प्रवेश को क्षेत्रीय समावेशिता और एकता की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में सराहा जा रहा है। 

पूर्वी तिमोर के लिए यात्रा का नया अध्याय

आसियान महासचिव गाओ फंग ने इसे "क्षेत्रीय एकीकरण की नई सुबह" बताया। समारोह के दौरान गुस्माओ ने आसियान के अन्य नेताओं, जिनमें मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इंडोनेशिया के प्रबोवो सुबियांतो और सिंगापुर के लॉरेंस वोंग शामिल थे, से कहा, "यह हमारे लिए नई शुरुआत है जो व्यापार, निवेश, शिक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपार अवसर लेकर आई है। हम सीखने, नवोन्मेष और सुशासन को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्वी तिमोर की सदस्यता किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि "एक प्रेरणादायक नए अध्याय" की शुरुआत है।

 

आसियान की महत्वाकांक्षों को मजबूत करेगा पूर्वी तिमोर

गुस्माओ ने कहा कि पूर्वी तिमोर का प्रवेश आसियान की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करेगा। तेल और गैस संसाधनों से समृद्ध यह द्वीपीय राष्ट्र संगठन को ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र से जोड़ने में पुल का काम करेगा। हालांकि इसमें चुनौतियां भी हैं। गरीबी, बुनियादी ढांचे की कमी और जलवायु परिवर्तन से निपटना बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आसियान के माध्यम से पूर्वी तिमोर को विकास सहायता, कौशल प्रशिक्षण और बाजार पहुंच मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह "समावेशी विकास का मॉडल" बनेगा।


अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर सकता है पूर्वी तिमोर

इस विस्तार से आसियान की कुल आबादी 6.8 करोड़ से बढ़कर लगभग 7 करोड़ हो गई है, जो वैश्विक जीडीपी का 7% योगदान देता है। गुस्माओ की सरकार ने सदस्यता के लिए 2011 से प्रयास तेज किए थे और 2022 में पर्यवेक्षक का दर्जा मिला था। अब पूर्वी तिमोर को 2026 के आसियान शिखर सम्मेलन की मेजबानी का मौका मिल सकता है। यह कदम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन-अमेरिका प्रतिस्पर्धा के बीच आसियान की तटस्थता को भी मजबूत करेगा।(एपी)

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