दुबई: अमेरिका ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लगातार दबाव बना रहा है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। अराघची ने कहा है कि वो ट्रंप प्रशासन के तहत पहली वार्ता के लिए ओमान में अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात करेंगे। अराघची ने अल्जीरिया की यात्रा के दौरान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर कहा कि वार्ता अप्रत्यक्ष होगी और इसमें दोनों पक्षों के बीच ओमान के मध्यस्थों के रहने की संभावना है।
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘वार्ता में हमारा मुख्य लक्ष्य, स्वाभाविक रूप से लोगों के अधिकारों को बहाल करना और प्रतिबंधों को हटाना है और अगर दूसरे पक्ष के पास इच्छाशक्ति है, तो इसे हासिल किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस समय तो हमारी प्राथमिकता अप्रत्यक्ष वार्ता की है, हमारी इसे बदलकर प्रत्यक्ष करने की कोई योजना नहीं है।’’
'ट्रंप बोले प्रत्यक्ष बातचीत होगी'
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान करते हुए कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच प्रत्यक्ष बातचीत होगी। अमेरिका और इजरायल दोनों ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर सैन्य हमले की धमकी दी है। तेहरान ने हमलों के जवाब में पलटवार की बात कही है।
ट्रंप ने दी है चेतावनी
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी तक दे डाली कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो ईरान ‘बड़े खतरे’ में पड़ जाएगा। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे यह कहना पसंद नहीं लेकिन (वार्ता असफल रहने पर) ईरान बहुत खतरे में पड़ने वाला है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘अगर वार्ता सफल नहीं होती है तो मुझे लगता है कि यह ईरान के लिए बहुत बुरा होगा।’’
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