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अमेरिका के साथ शांति वार्ता पर ईरानी राष्ट्रपति को अपने ही देश में झेलना पड़ रहा विरोध, खुद बताया क्यों करनी पड़ रही है बातचीत?

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jul 02, 2026 09:56 am IST,  Updated : Jul 02, 2026 09:57 am IST

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने उन सभी आरोपों को खारिज किया कि जिनमें कहा जा रहा था कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की मर्जी के बिना अमेरिका के साथ ईरानी सरकार शांति वार्ता कर रही है। जानें शांति वार्ता के बचाव में पेजेशकियन ने क्या दलील दी।

Iran President Masoud Pezeshkian- India TV Hindi
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शांति वार्ता का बचाव किया है। Image Source : AP

अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष शांति वार्ता का बचाव करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने उन आरोपों को खारिज किया कि जिनमें उनकी सरकार के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की मंजूरी के बिना बातचीत शुरू करने की बात कही गई थी। इस्लामिक डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन काउंसिल के अफसरों के साथ मीटिंग में मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरानी सरकार की तरफ से उठाया गया हर कूटनीतिक कदम तय निर्णय प्रक्रिया और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के मार्गदर्शन में ही लिया गया है।

सुप्रीम लीडर की इजाजत के बिना नहीं कर रहे वार्ता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अगर सुप्रीम लीडर बातचीत के खिलाफ ऑर्डर देते, तो ईरान में उनकी सरकार कभी भी अमेरिका के साथ किसी प्रकार की वार्ता नहीं करती। मसूद पेजेशकियन ने कहा, 'यदि लीडरशिप ने बातचीत नहीं करने के लिए कहा होता, तो हम उसका पालन करते। अगर सुप्रीम लीडर ने कहा होता कि कोई बैठक या बातचीत नहीं होगी, तो हम न बैठक करते और न ही कोई वार्ता होती।'

SNSC में 13 में से 12 लोगों ने किया बातचीत का समर्थन

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बताया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस मुद्दे को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल यानी SNSC के पास भेजा था। उन्होंने साफ निर्देश दिया था कि अगर काउंसिल के तीन-चौथाई मेंबर बातचीत के पक्ष में मतदान करते हैं, तभी आगे की प्रक्रिया होगी। इस प्रस्ताव को भारी सपोर्ट मिला। 13 में से 12 सदस्यों ने न सिर्फ बातचीत के पक्ष में वोट दिया, बल्कि इस पर विस्तार से चर्चा कर इसे मजबूती से सपोर्ट भी दिया।

ईरान की रणनीति के तहत ही उठा रहे हर कदम

मसूद पेजेशकियन ने कहा, 'ईरान सरकार के सभी कदम पहले से तय नीतियों और देश की रणनीति के तहत ही उठाए गए हैं। हमारी पूरी प्रक्रिया एकजुटता और समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है।' ईरानी राष्ट्रपति का यह स्टेटमेंट ऐसे वक्त में आया है जब ईरान अपने लंबे वक्त तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इसी बीच, कतर की राजधानी दोहा में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष तौर पर वार्ता भी जारी रही है।

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