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ईरान कहता है कि वह मौत का रास्ता है...US की मौत का नारा लगाता है, मगर उसकी राह में इजरायल खड़ा है: नेतन्याहू

 Published : Jul 11, 2025 09:31 am IST,  Updated : Jul 11, 2025 09:31 am IST

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को मौत का पंथ कहा है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी की मौत की बात करता है। अमेरिका को ईरान नष्ट करना चाहता है। मगर उसकी राह में इजरायल रोड़ा है। इस दौरान उन्होंने गाजा और हमास को लेकर कई बड़े दावे किए।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (बाएं से दूसरे)- India TV Hindi
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (बाएं से दूसरे) Image Source : AP

येरूशलमः इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, "ईरान कहता है कि वह मौत का रास्ता है...वह अमेरिका की मौत का नारा लगाता है, मगर उसकी राह इजरायल एक अवरोध की तरह खड़ा है।"

उन्होंने ईरान के साथ युद्ध में मारे गए लोगों के घरों तक दौरा किया। वह उन क्षेत्रों में गए जहां, ईरानी मिसाइलों से लोगों की मौत हुई थी। नेतन्याहू ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "यह ईरान पर ऐतिहासिक विजय के बाद ऐतिहासिक दौरे का अंतिम दिन है। मैं और मेरी पत्नी सारा की ओर से, गुश एत्ज़ियों में मारे गए व्यक्ति के परिवार के प्रति दिल से संवेदनाएं प्रकट करता हूं। आतंक के खिलाफ लड़ाई गाज़ा, यहूदा , और सामरिया में और उससे भी आगे सभी मोर्चों पर जारी है।"

नेतन्याहू ने कहा-बंधकों को लाएंगे वापस

नेतन्याहू ने इस पोस्ट में आगे लिखा, "मैंने जीवित और शहीद दोनों बंधकों के परिवारों से मुलाकात की। मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि हम सभी को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं एक ऐसे कदम को आगे बढ़ा रहा हूं जो एक महत्वपूर्ण रिहाई की ओर ले जाएगा, लेकिन केवल उन्हीं शर्तों पर जो इज़रायल निर्धारित करता है। हमास को निरस्त्र किया जाए, गाज़ा को सैन्य मुक्त किया जाए। अगर यह कूटनीति से संभव नहीं हुआ तो यह बल प्रयोग से किया जाएगा। हम पहले भी ऐसे ही कार्य करते आए हैं, और आगे भी ऐसे ही करेंगे। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। "

अब्राहम समझौते का किया जिक्र

एक साक्षात्कार के दौरान ​नेतन्याहू ने कहा कि अब्राहम समझौते में सीरिया को शामिल करने से पहले उन्हें हिज़्बुल्लाह और "भयानक तानाशाह हाफ़िज़ अल-असद" को हराया था। उन्होंने कहा, "सीरिया तब तक अब्राहम समझौतों में शामिल नहीं हो सकता था, जब तक हिज़्बुल्लाह और हाफ़िज़ असद जैसे तत्वों को पराजित नहीं किया जाता।" गौरतलब है कि हाफ़िज़ असद ने 1973 के अरब-इज़रायल युद्ध में इज़रायल से लड़ाई लड़ी थी और उनका निधन वर्ष 2000 में हो गया था। 

अगली बंधक रिहाई कुछ ही दिनों में हो सकती है"

इज़राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि अगली बंधक रिहाई कुछ ही दिनों में संभव हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस दौर में वह बचे हुए 50 में से लगभग आधे बंधकों को वापस ला सकते हैं।  नेतन्याहू ने कहा- हमें उम्मीद है कि "हम जल्द ही बड़ी संख्या में अपने लोगों को घर ला सकेंगे,"। इस बीच, हमास ने भी संकेत दिया है कि वह 10 बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है, बशर्ते समझौते की कुछ शर्तें पूरी की जाएं। हालात तेजी से बदल रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत एक नए समझौते की ओर इशारा कर रही है।

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