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'ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता, इजरायल अमेरिका का गुलाम नहीं है', नेतन्याहू के मंत्री के बयान ने मचाई खलबली

 Published : Jun 15, 2026 03:52 pm IST,  Updated : Jun 15, 2026 07:01 pm IST

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का ऐलान हो चुका है। दोनों देश 19 जून को डील पर दस्तखत करेंगे। हालांकि, दूसरी ओर इजरायल की सरकार में मंत्री बेन ग्वेर ने साफ तौर पर कह दिया है कि उनका देश इस समझौते को नहीं मानता है।

israel minister ben gver rejects us iran peace deal- India TV Hindi
इजरायली मंत्री ने अमेरिका-ईरान डील को नकारा। Image Source : AP/X(@BENGVER)

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थम गई है। दोनों ही देशों ने डील का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान के साथ समझौता हो गया है। इसके बाद ईरान ने भी बयान जारी किया है कि अमेरिका के साथ कई महीनों की लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद दोनों देशों ने सीजफायर के MoU को अंतिम रूप दे दिया है। इस ऐलान के बाद मिडिल ईस्ट के क्षेत्र में शांति की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, दूसरी ओर इजरायल के दक्षिणपंथी नेता और नेतन्याहू सरकार में मंत्री बेन ग्वेर ने ऐसा बयान जारी किया जिससे क्षेत्र के देशों की टेंशन फिर से बढ़ गई है।

हमारा फर्ज यहूदी लोगों के प्रति- बेन ग्वेर

इजरायली मंत्री बेन ग्वेर ने कहा- "ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता। इजरायल अमेरिका के अधीन (गुलाम) नहीं है, और हम एक आजाद और संप्रभु देश हैं। हमारा फर्ज इजरायल के नागरिकों, IDF के सैनिकों और यहूदी लोगों के प्रति है। साथ ही, हजारों सालों के निर्वासन के दौरान सताए गए और मारे गए यहूदियों के प्रति हमारा ऐतिहासिक फर्ज है कि हम इजरायल की धरती पर यहूदियों को सुरक्षा दें। जब भी हमने इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके, हमें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। ओस्लो समझौते में ऐसा ही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में भी यही हुआ, और गाजा में नियंत्रण की हर कोशिश में भी यही हुआ, जो बाद में हमारे लिए बड़ी मुसीबत बन गई।"

हम इस समझौते में शामिल नहीं हैं- बेन ग्वेर

बेन ग्वेर ने कहा- "हम हम अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी हैं। फिर भी, इजरायल कोई 'बनाना रिपब्लिक' (कमजोर या अस्थिर देश) नहीं है। मैं प्रधानमंत्री से हमेशा ये बातें कहता हूं और हर अहम ऐतिहासिक मोड़ पर बंद कमरों में भी इन्हें दोहराता हूं: ऐतिहासिक पलों में ऐतिहासिक फैसला लेना जरूरी होता है। मेरा रुख साफ है: हम इस समझौते में शामिल नहीं हैं क्योंकि यह हमारी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता और हम पर किसी भी तरह से लागू नहीं होता। हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने से कम किसी भी चीज पर समझौता नहीं किया जा सकता; हमारे लड़ाकों ने जिन इलाकों पर कब्ज़ा किया है और जहां से आतंकी ढांचे को साफ किया है, वहां से पीछे नहीं हटना चाहिए; हमें ऐसी स्थिति में वापस नहीं जाना चाहिए जहां हजारों आतंकवादी उत्तरी बस्तियों की सीमाओं पर बैठे हों; और निश्चित रूप से, इजरायल पर होने वाले हमलों के सामने हमें एक पल के लिए भी चुप नहीं रहना चाहिए।"

हम 3,000 साल पुराने लोग हैं- बेन ग्वेर

बेन ग्वेर ने कहा- "लेबनान से इजरायल की ओर ड्रोन, UAV या मिसाइल छोड़ने पर इजरा/ल 'दाहिया' (Dahiya) में जवाबी हमला करेगा। कुछ महीने पहले तक यही 'डिटरेंस बैलेंस' (शक्ति संतुलन) था, और हमें इसे किसी भी हाल में नहीं छोड़ना चाहिए। और सबसे बड़ी बात, हमें सबको यह साफ बता देना चाहिए: इजरायल के लोग 3,000 साल पुराने लोग हैं, एक ऐसा शाश्वत समुदाय जो लंबे सफर से नहीं डरता। हमें ब्रह्मांड के रचयिता पर भरोसा है; हम एक मजबूत और गर्व करने वाले लोग हैं जो मजबूती और गर्व के साथ अपनी मातृभूमि लौटे हैं, और अब दुश्मनों के सामने नजरें झुकाने का हमारा कोई इरादा नहीं है। वे दिन बीत गए जब यहूदी मार सहते थे और चुप रहते थे। अब ऐसा कभी नहीं होगा।"

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