Highlights
- फ्लाईदुबई के को-पायलट का क्या है नाम?
- को-पायलट के बारे में क्या पता चला?
- को-पायलट की मानसिकता कैसी थी?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाले ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर कई तरह के खुलासे हो रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी को-पायलट अल-हमामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उसने बताया था कि उसे एक ऐसी पत्नी खोजने में दिक्कत आ रही है, जो नकाब पहनने और शादी के बाद काम छोड़ने के लिए तैयार हो। ओमानी पायलट ने एक और पोस्ट में महिला-पुरुषों के साथ काम करने वाली जगहों का विरोध किया था। उसने लिखा कि ऐसी जगहों पर धार्मिक महिलाएं बर्बाद हो सकती हैं। इससे उसके चरमपंथी मानसिकता के बारे में पता चलता है।
चरमपंथी विचारधारा वाला है हमामी
जेरूसलम पोस्ट ने सीएनएन के हवाले से बताया कि पिछले साल, चरमपंथी विचारधारा को लेकर चिंताओं के कारण सह-पायलट को ओमान की एक राष्ट्रीय एयरलाइन के प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे एयरलाइन में ही दूसरा पद सौंप दिया गया। एक अन्य सूत्र ने खुलासा किया कि हमामी संयुक्त अरब अमीरात में पैदा हुआ था, उसके पिता ओमानी और माता सीरियाई थीं, और वह कई वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा था।
उसकी मां कैसे बहू ढूंढ रही थी
एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि सह-पायलट ने फ्लाईदुबई के लिए केवल आठ महीने काम किया था, जबकि एक अन्य सूत्र ने बताया कि हमामी पहले रॉयल एयर मारोक के लिए काम करता था। CNN ने AI-पावर्ड सिमेंटिक सर्च मॉडल का इस्तेमाल करके विश्लेषण किया। फरवरी 2022 के डिलीट किए गए पोस्ट में ओमानी पायलट ने बताया था कि उसकी मां एक ऐसी बहू ढूंढ रही हैं जो उनकी शर्तें मान ले, जैसे कि नकाब पहनना और शादी के बाद काम छोड़ देना।
पोस्ट में दावा किया गया कि कई परिवारों ने उन शर्तों को ठुकरा दिया था, लेकिन जब उनकी मां ने उन्हें बताया कि उनका बेटा पायलट है, तो उन परिवारों ने अपना मन बदल लिया और शर्तें मानने के लिए राजी हो गए। अल-हम्मामी के डिलीट किए गए ट्विटर अकाउंट से महिलाओं के प्रति उसकी गहरी धार्मिक और नफरत वाली सोच का पता चलता है।
नेतन्याहू ने क्या बताया था
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 1 अक्टूबर को कहा कि सह-पायलट को "कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा" सिखाई गई थी। नेतन्याहू ने कहा, "उसके निजी रिकॉर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, हमें पता चला है कि उसे कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा सिखाई गई थी। उसने चालक दल से कहा, 'मुझे मार डालो,' जिससे आत्महत्या करने का इरादा ज़ाहिर होता है।" यूएई के अधिकारी फिलहाल इस घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें को-पायलट के मकसद का पता लगाना और यह निर्धारित करना शामिल है कि क्या ये हरकतें आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित थीं।
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