फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आने का दावा किया जा रहा है। अल Al Arabiya English और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी को-पायलट ओमान का नागरिक है और उसका नाम हमाम अल-हमामी है। वह पहले ओमान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी ओमान एयर में भी काम कर चुका है।
ओमान में उड़ान भरने पर लगी थी रोक
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को पहले भी ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। रिपोर्ट में यह दावा किया गया है यह फैसला उसके कट्टरपंथी विचारों के चलते लिया गया था। बताया जाता है कि सीरिया में रहने के दौरान हमाम अल-हमामी कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव में आ गया था। उड़ान भरने से रोके जाने के बाद अल-हमामी ओमान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात चला गया था। बाद में उसने फ्लाईदुबई में नौकरी पाने में कामयाब हो गया।
माता-पिता के बारे में ये जानकारी आई सामने
इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम बात ये है कि फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रखने से पहले उसका बैकग्राउंड क्रॉस चेक नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमान के रहनेवाले हैं जबकि मां सीरियाई मूल की हैं। अल-हमामी ने अपने जीवन का अधिकांश समय यूएई में बिताया था।

इजरायल में क्रैश करने का था प्लान?
इजराइल के i24NEWS ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि को-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करने का था। रिपोर्ट के मुताबिक अगर वह अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो यह घटना बिल्कुल 9/11 जैसी हो सकती थी। 9/11 की घटना में भी फिदायीन दस्ते ने अमेरिका पर हमले के लिए विमानों का इस्तेमाल किया था। ओमानी को पायलट हमाम अल-हमामी को यूएई भेज दिया गया है। जहां जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। अल-हमामी के आतंकी नेटवर्क से कनेक्शन, उसके संभावित मकसद और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
बता दें कि 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था। कैप्टन स्मित ने अल हमामी का विरोध किया। उन्होंने एटीसी को हाईजैक का सिग्नल भेजा। इस दौरान हमाम अल-हमामी ने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस के साथ उसका मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इस बीच अन्य क्रूमेंबर्स और विमान यात्रियों ने आकर हमलावर को-पायलट अल-हमामी को काबू में किया। इस दौरान विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया था। इसके बाद विमान का कंट्रोल दो अन्य पायलटों ने संभाला जो उसमें ट्रैवल कर रहे थे। इस विमान में कुल 174 यात्री ट्रैवल कर रहे थे।
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ
पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका अहम रही। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे चालक दल और यात्रियों को अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू करने का मौका मिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छर के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा था कि एक भारतीय ने '9/11 जैसी त्रासदी' को रोक दिया।
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