यरुशलम/गाजा: इजरायली सेना के हमले में गाजा पहले ही श्मशान बन चुका है। मगर अब इजरायल के रक्षा मंत्री ने हमास को एक और बड़ी धमकी दे डाली है। रक्षामंत्री इजराइल कार्ट्ज ने गाजा को मलबे के ढेर में बदल देने की धमकी दी है। इससे गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई अब और भी उग्र होने के संकेत मिल रहे हैं।
कार्ट्ज ने क्या कहा?
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर हमास ने इजरायल की शर्तों को नहीं माना, तो गाजा सिटी को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम गाजा को पूरी तरह मलबे के ढेर में बदल देंगे। यह चेतावनी ऐसे समय पर दी गई है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली सेना को गाजा सिटी पर कब्जा करने की पूर्ण अनुमति दे दी। नेतन्याहू ने बयान दिया था कि “गाजा अब सुरक्षित पनाहगाह नहीं रह गया है और हम आतंक के हर स्रोत को नष्ट करेंगे।”
"गाजा सिटी रफाह और बैत हानून जैसा बन जाएगा"
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी देते हुए कहा कि गाजा सिटी का हश्र भी वैसा ही हो सकता है, जैसा युद्ध के पहले चरण में रफाह और बैत हानून जैसे इलाकों का हुआ था ,जो अब मलबे का ढेर बन चुके हैं। उन्होंने लिखा, "गाजा में छिपे हमास के हत्यारे और बलात्कारी अगर इजरायल की शर्तें नहीं मानते हैं, तो उनके लिए बहुत जल्द नरक के दरवाज़े खुलने वाले हैं।"
इजरायल की युद्धविराम की शर्तें
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि इजरायल युद्धविराम तभी करेगा जब, सभी इजरायली बंधकों को बिना शर्त रिहा किया जाए। हमास पूरी तरह से निरस्त्र किया जाए। इन शर्तों को इजरायल की "लाल रेखा" माना जा रहा है और सरकार का कहना है कि इसके बिना कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
हमास की प्रतिक्रिया
वहीं दूसरी ओर हमास ने कहा है कि वह बंधकों की रिहाई के बदले में युद्ध समाप्ति पर सहमति दे सकता है, लेकिन इजरायल की पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग को उसने खारिज कर दिया है। हमास का दावा है कि जब तक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होती, तब तक वह हथियार नहीं डालेगा। इस रुख के कारण दोनों पक्षों के बीच की खाई और गहरी हो गई है, जिससे एक व्यापक और लंबे युद्ध की आशंका बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी
गाजा में बढ़ती तबाही और नागरिकों के हताहत होने की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाएं बार-बार युद्धविराम की अपील कर रही हैं, लेकिन इजरायल अपने रुख पर अडिग है। (AP)