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लंबे समय बाद खामेनेई का ट्वीट, कहा-"हम पर थोपा गया युद्ध, जिसका ईरान ने दृढ़ता से किया सामना"

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 24, 2025 05:28 pm IST,  Updated : Aug 24, 2025 05:29 pm IST

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने लंबे समय बाद एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हम पर एक युद्ध थोपा गया था, जिसका ईरान ने दृढ़ता और बहादुरी से सामना किया।

अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर। - India TV Hindi
अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर। Image Source : AP

तेहरानः ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने लंबे समय बाद अपने एक एक्स एकाउंट पर एक पोस्टी की है। इसमें उन्होंने कहा है कि ईरान पर एक युद्ध थोप दिया गया था, लेकिन ईरानी राष्ट्र ने अपार ताकत और दृढ़ता के साथ इसका सामना किया। इस संघर्ष में ईरान ने न केवल अपनी संप्रभुता को बचाए रखा, बल्कि विश्व के सामने अपनी विशेष महानता और सम्मान को भी स्थापित किया।

ईरान ने डट कर किया सामना

अयातुल्ला खामेनेई ने कहा कि जब बाहरी ताकतों ने ईरान पर युद्ध थोपने की कोशिश की, तो ईरानी लोग पीछे नहीं हटे, बल्कि एकजुट होकर पूरे साहस और आत्मविश्वास के साथ खड़े रहे। उन्होंने बताया कि इस कठिन दौर में ईरान की जनता ने अपने देश के लिए जो समर्पण और बलिदान दिखाया, उसने न केवल देश के अंदर बल्कि पूरी दुनिया में ईरान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

दुनिया ने देखी ईरान की ताकत

सुप्रीम लीडर ने यह भी कहा कि इस संघर्ष के दौरान ईरान ने जो साहस और धैर्य दिखाया, उसने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान की संप्रभुता और स्वायत्तता को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई, वह उसकी सशक्तता का प्रमाण है। बता दें कि इजरायल और ईरान में करीब 12 दिन तक भीषण युद्ध चला था। इजराल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर इसके बाद हमला कर दिया। 

ईरान ने खींचा दुनिया का ध्यान

खामेनेई ने कहा कि ईरानी राष्ट्र की इस दृढ़ता और संघर्षशीलता ने विश्व समुदाय का ध्यान खींचा और कई देशों में ईरान के प्रति सम्मान और सम्मान की भावना पैदा की। खामेनेई ने कहा कि ईरान ने न केवल अपने लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल कायम की जो अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ रहे हैं। ईरान पर थोपे गए इस युद्ध के बावजूद, देश ने अपनी सीमाओं की रक्षा की और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा। इस दौरान ईरान की सेना और जनता ने मिलकर अपने देश को सुरक्षित रखने के लिए अनगिनत बलिदान दिए। खामेनेई ने इस साहस और एकता की सराहना की और इसे ईरान की सबसे बड़ी ताकत बताया।

दुनिया को बताई ईरान की ताकत

इस बयान के माध्यम से ईरान के सुप्रीम लीडर ने विश्व को यह भी याद दिलाया कि ईरान एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र है, जो किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने आगे कहा कि यह संघर्ष ईरान की महानता का हिस्सा है और आने वाले समय में भी ईरान अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए पूरी ताकत से लड़ता रहेगा। ईरान के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विश्व के सामने अपनी पहचान मजबूत बनाता रहेगा।

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