1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. शेख हसीना के कटु आलोचक रहे मुहम्मद यूनुस ने संभाली बांग्लादेश की अंतरिम कमान, क्या ठहरेगा हिंसा का तूफान?

शेख हसीना के कटु आलोचक रहे मुहम्मद यूनुस ने संभाली बांग्लादेश की अंतरिम कमान, क्या ठहरेगा हिंसा का तूफान?

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 08, 2024 10:51 pm IST,  Updated : Aug 08, 2024 10:51 pm IST

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने शपथ ग्रहण कर लिया है। मगर क्या अब पश्चिम बंगाल में हिंसा और खून-खराबे का दौर थम जाएगा, क्या बांग्लादेश में शांति आ जाएगी? यह सभी ऐसे सवाल हैं, जिसका कुछ दिनों के लिए इंतजार करना होगा।

मुहम्मद यूनुस, बांग्लादेश के अंतरिम सरकार प्रमुख।- India TV Hindi
मुहम्मद यूनुस, बांग्लादेश के अंतरिम सरकार प्रमुख। Image Source : AP

ढाका: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली। यूनुस (84) को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन ‘बंगभवन’ में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई। वर्ष 2006 में नोबेल पुरस्कार पाने वाले यूनुस को मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा संसद भंग किए जाने के बाद अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था। इससे पहले आरक्षण प्रणाली के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गई थीं। 

शेख हसीना के शासनकाल के दौरान गबन के आरोप में उत्पीड़न का सामना करने वाले नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस का जीवन पूरी तरह से बदल गया है। हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने के बाद अब यूनुस बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें शपथ दिलाई। यूनुस को ‘‘सबसे गरीब लोगों का बैंकर’’ भी कहा जाता है। इसे लेकर उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा था और एक बार हसीना ने यूनुस को ‘‘खून चूसने वाला’’ कहा था। वह हसीना के कटु आलोचक और विरोधी माने जाते हैं।

हसीना के इस्तीफे को देश का ‘‘दूसरा मुक्ति दिवस’’ ​​बताया 

मोहम्मद यूनुस ने हसीना के इस्तीफे को देश का ‘‘दूसरा मुक्ति दिवस’’ ​​बताया है। पेशे से अर्थशास्त्री और बैंकर यूनुस को गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की मदद के लिए माइक्रोक्रेडिट के उपयोग में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना की ताकि उन उद्यमियों को छोटे ऋण उपलब्ध कराए जा सकें जो सामान्यतः उन्हें प्राप्त करने के योग्य नहीं होते। लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में बैंक की सफलता ने अन्य देशों में भी इसी तरह के लघु वित्त पोषण के प्रयासों को बढ़ावा दिया। यूनुस को 2008 में हसीना सरकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ा जब उनके प्रशासन ने यूनुस के खिलाफ कई जांच शुरू कीं। यूनुस ने पहले घोषणा की थी कि वह 2007 में एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगे, हालांकि उन्होंने अपनी योजना पर अमल नहीं किया।

यूनुस और 13 अन्य लोगों पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर के गबन के मामले

जांच के दौरान हसीना ने यूनुस पर ग्रामीण बैंक के प्रमुख के तौर पर गरीब ग्रामीण महिलाओं से ऋण वसूलने के लिए बल और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यूनुस ने आरोपों से इनकार किया था। हसीना की सरकार ने 2011 में बैंक की गतिविधियों की समीक्षा शुरू की और यूनुस को सरकारी सेवानिवृत्ति नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रबंध निदेशक के पद से हटा दिया गया। 2013 में उन पर बिना सरकारी अनुमति के पैसे लेने के आरोप में मुकदमा चलाया गया, जिसमें उनका नोबेल पुरस्कार और एक किताब से रॉयल्टी भी शामिल थी।

इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधीश की अदालत ने यूनुस और 13 अन्य लोगों पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर के गबन के मामले में आरोप तय किए थे। यूनुस ने खुद को निर्दोष बताया और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। यूनुस के समर्थकों का कहना है कि हसीना के साथ उनके खराब संबंधों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस का जन्म 1940 में भारत के चटगांव में हुआ था, जो अब बांग्लादेश का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है। उन्होंने अमेरिका के वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और बांग्लादेश लौटने से पहले कुछ समय तक वहां पढ़ाया था। (भाषा)

यह भी पढ़ें

ऑस्ट्रिया में अमेरिकी गायिका टेलर स्विफ्ट के समारोह में हमले की बड़ी साजिश नाकाम, ISIS के 2 संदिग्ध गिरफ्तार


ईरान ने नेतन्याहू को फिर धमकाया, कहा-"हमास चीफ इस्माइल हानिया को मार कर इजरायल ने की भारी "रणनीतिक गलती"
 

 

 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश