बांग्लादेश में पिछले साल 5 अगस्त को हुए तख्तापलट को एक साल पूरा हो गया है। पिछले साल 5 अगस्त को को छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन और देशव्यापी हिंसा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और उन्होंने भारत में शरण ली थी। इसके बाद, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने मुख्य सलाहकार के रूप में देश की बागडोर संभाली।
फरवरी 2026 में होंगे संसदीय चुनाव
तख्तापलट की पहली वर्षगांठ के मौके पर मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अगले साल फरवरी में संसदीय चुनाव कराने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, "मैं अंतरिम सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजूंगा, जिसमें फरवरी 2026 में रमजान से पहले राष्ट्रीय चुनाव कराने का अनुरोध करूंगा।" यह घोषणा तब हुई है जब पहले ये चुनाव अप्रैल 2026 में होने तय थे। यह संबोधन पिछले साल के 'जुलाई विद्रोह' की पहली वर्षगांठ पर दिया गया, जिसके बाद शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई खटास
बांग्लादेश में हुए इस तख्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी तनाव आ गया है। शेख हसीना को भारत में शरण देने के कारण बांग्लादेश की नई सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने भारत सरकार से औपचारिक रूप से हसीना को वापस भेजने का आग्रह भी किया। नई अंतरिम सरकार का झुकाव चीन और पाकिस्तान की तरफ ज्यादा दिखाई दे रहा है और बांग्लादेश की ओर से कई बार भारत विरोधी बयान भी दिए गए हैं।
इसके जवाब में भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने बांग्लादेश से आने वाले रेडीमेड वस्त्रों और कई अन्य वस्तुओं के आयात पर नियंत्रण लगा दिया है। साथ ही, ट्रांजिट और सीमा व्यापार, पूर्वोत्तर भारत के बाजार के लिए भी बंद कर दिया गया।
पीएम मोदी और यूनुस की बैंकॉक में मुलाकात
इन तनावों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच 4 अप्रैल, 2025 को बैंकॉक में बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। इस मुलाकात में यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी को 2015 में मिले एक पुराने सम्मान की तस्वीर भी भेंट की।
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