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Nepal Violence: नेपाल में कर्फ्यू हटाने के बाद Gen-Z ने शुरू किया सफाई अभियान, फिर से खुले शॉपिंग मॉल और दुकानें

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Sep 13, 2025 12:43 pm IST,  Updated : Sep 13, 2025 12:48 pm IST

नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन और सुशीला कार्की को इसका मुखिया बनाए जाने के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। पूरे देश से अब कर्फ्यू हटा लिए जाने के बाद जेन जी ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है।

नेपाल में फिर सामान्य होने लगे हालात। - India TV Hindi
नेपाल में फिर सामान्य होने लगे हालात। Image Source : PTI

काठमांडू: नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार को सुशीला कार्की को अंतरिम मुखिया के तौर पर शपथ दिलाने के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं। शनिवार को नेपाल में कर्फ्यू हटा लिए जाने के बाद जेन-जी ने देश भर में सफाई अभियान शुरू कर दिया। सड़कों और डिवाइडरों की रंगाई-पुताई तक खुद से करना आरंभ कर दिया है। इसके बाद अब काठमांडू घाटी से लेकर अन्य इलाकों में जीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। नेपाली सेना के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि अब देश में कहीं भी कर्फ्यू या कोई प्रतिबंध लागू नहीं है।

कई दिनों तक बंद रहा नेपाल

नेपाल में दुकानें, किराना स्टोर, सब्ज़ी मंडियां और शॉपिंग मॉल फिर से खुल गए हैं। सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। प्रमुख सरकारी इमारतों सहित कई स्थानों पर सफाई अभियान भी चलाया गया है। गौरतलब है कि इन सरकारी इमारतों को हाल ही में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान निशाना बनाया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इनमें तोड़फोड़ की थी और आग भी लगा दी थी।

कैसे शुरू हुआ था संकट?

नेपाल में बीते सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी। विरोध तेज होने पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए। इसी के तुरंत बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। सोमवार रात को सरकार ने सोशल मीडिया पर लगा प्रतिबंध हटा लिया था।

जनरेशन Z के नेतृत्व में प्रदर्शन

नेपाल पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से "जेनरेशन Z" (1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा वर्ग) के नेतृत्व में हुए थे। ओली के इस्तीफे के बाद नेपाली सेना ने सुरक्षा स्थिति अपने हाथ में ले ली। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए काठमांडू घाटी और अन्य क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (Section 144) लागू की गई थी।हालांकि, कुछ निश्चित समयावधि में लोगों को आवाजाही की अनुमति दी गई। नेपाल में जारी राजनीतिक संकट से निपटने और आगामी चुनावों की निगरानी के लिए सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।(भाषा)

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