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Rajapaksa family: राजपक्षे परिवार के वे 5 "पंच" जिन्होंने श्रीलंका को लूटकर किया कंगाल

Written By: Pankaj Yadav Published : Jul 09, 2022 09:46 pm IST, Updated : Jul 09, 2022 10:17 pm IST

Rajapaksa family: श्रीलंका को 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिली थी। उसके बाद से आज श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पीछले कई सालों से श्रीलंका के सत्ता की चाभी 4 भाइयों के पास थी जिसे उन्होंने अपने नीजी जीवन के लिए इस्तेमाल किया।

Rajpaksha Family- India TV Hindi
Image Source : RAJPAKSHA FAMILY Rajpaksha Family

Highlights

  • श्रीलंका के नागरिक सड़कों पर उतर आएं और उग्र प्रदर्शन किया
  • राष्ट्रपति भवन को घेर कर तोड़-फोड़ किया और खूब उत्पात मचाया
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति हालत बिगड़ता देखकर अपना आवास छोड़कर फरार हो गए

Rajapaksa family: श्रीलंका की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चली है कि वहां की जनता त्राहिमाम कर रही है। इन सबसे परेशान हो कर आज जनता ने विद्रोह कर दिया और सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करने लगें। हजारों की संख्या में श्रीलंका के नागरिक सड़कों पर उतर आएं और उग्र प्रदर्शन करने लगें। प्रदर्शनकारियों ने कोलंबों स्थित राष्ट्रपति भवन को घेर लिया और तोड़-फोड़ करने लगे। हालत बिगड़ता देख श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपना आवास छोड़कर भाग गए। लेकिन क्या आपको पता है कि श्री लंका का यह हाल कैसे हुआ। इससे पहले श्रीलंका की ऐसी हालत कभी नहीं रही। हम आपको यहां बतएंगे कि कैसे इस देश को यहां के राजनीतिज्ञों ने मिलकर खोंखला किया। देश के आर्थिक स्थितियों का सीधा कंट्रोल वहां की सरकार के पास होती है। अभी इस हालत की जिम्मेदार वहां के सरकार में बैठे राजपक्षे परिवार है। जिन्होंने मिलकर श्रीलंका की लुटिया डुबा दी। श्रीलंका को भुखमरी के कागार पर ला कर खड़ा कर दिया। श्रीलंका के आर्थिक संकट का जिम्मेदार राजपक्षे परिवार कैसे बना यह हम आपको बताएंगे।

आइए जानते है श्रीलंका की लुटिया डुबाने वाले राजपक्षे परिवार को

श्रीलंका में सरकार में राजपक्षे परिवार के पांच लोग शामिल थे। इनमें राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे, वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे, सिंचाई मंत्री चामल राजपक्षे और खेल मंत्री नामल राजपक्षे थे। इन सबके पास सरकार के सबसे शक्तिशाली पद थे। ये जो चाहते श्रीलंका में वहीं होता था। इनमें से गोटबाया को छोड़कर बाकी सबने इस्तीफा दे दिया था। बस गोटबाया राजपक्षे ही थे जो सरकार में अभी तक टिके हुए थे। राजपक्षे परिवार पर यह आरोप है कि उन्होंने 5.31 अरब डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपए अवैध तरीके से देश से बाहर अपने खाते में डालवाया है। हो भी क्यों न आखिर राजपक्षे परिवार के पास श्रीलंका के नेशनल बजट के 70% पर सीधा इनकी पकड़ थी। इनके हाथों में वहां के तिजोरी की चाभी हुआ करती थी। इन सब में हाथ था महिंदा राजपक्षे के करीबी अजित निवार्ड कबराल का जो सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के गवर्नर थे। आइए एक-एक कर के श्रीलंका को कंगाल बनाने वाले इन 5 पंचों के बारे में आपको बताते हैं।

1. महिंदा राजपक्षे

Mahinda Rajapaksha
Image Source : INDIATVMahinda Rajapaksha

कुछ महीने पहले महिंदा राजपक्षे श्रीलंका के प्रधानमंत्री हुआ करते थे और ये राजपक्षे समूह के मुखिया भी थे। इनकी उम्र 76 साल हो गई है। देश में बढ़ते विरोध को देखकर इन्होंने 10 मई को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले 2004 में वह प्रधानमंत्री थे उसके बाद 2005 से लेकर 2015 तक देश के राष्ट्रपति रहें। महिंदा राजपक्षे के भाई गोटबाया राजपक्षे ने तमिलों के आंदोलन को कुचलने का आदेश दिया था। महिंदा के शासनकाल में श्रीलंका और चीन की करीबी बढ़ी और उसने चीन से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 7 अरब डॉलर का लोन लिया। हुआ यह कि ज्यादातर परियोजनाएं धरातल पर नहीं दिखीं और उनके नाम पर महिंदा राजपक्षे के करीबियों ने बस अपनी जेबें भरी।

2. गोटबाया राजपक्षे

Gotbaya Rajapaksha
Image Source : INDIATVGotbaya Rajapaksha

गोटबाया राजपक्षे महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई हैं। उन्होंने सेना में भी काम किया और 2019 में वह देश के राष्ट्रपति बने। इससे पहले वह रक्षा मंत्रालय में सेक्रेटरी समेत कई अहम पद संभाल चुके हैं। महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति रहने के दौरान यह डिफेंस सेक्रेटरी हुआ करते थे और उसी समय तमिल अलगाववादियों यानी LTTE ने विद्रोह कर दिया था जिसे इन्होंने बुरी तरह कुचल दिया था। टैक्स में कटौती, खेती में केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल पर बैन जैसी नीतियां गोटबाया के शासनकाल की ही देन है जिसे लेकर लोग यह मानते हैं कि उनकी नीतियों के वजह से ही वर्तमान संकट उत्पन्न हुई है।

3. बासिल राजपक्षे

Baasil Rajpaksha
Image Source : INDIATVBaasil Rajpaksha

महिंदा राजपक्षे के शासनकाल में बासिल राजपक्षे फाइनेंस मिनिस्टर थे। उन्होंने महिंदा की सरकार में सरकारी ठेकों में खूब भ्रष्टाचार किया। इसी वजह से श्रीलंका में सरकारी ठेकों में कथित कमीशन लेने की वजह से उन्हें ‘मिस्टर 10 पर्सेंट’ कहा जाता है। बासिल पर सरकारी खजाने में लाखों डॉलर की हेराफेरी के आरोप लगे थे लेकिन कभी सिद्ध नहीं हो पाएं क्यों कि गोटबाया राष्ट्रपति बनते ही सबसे पहले बासिल के सभी केस खत्म करवा दिए थे।

4. चामल राजपक्षे

Chaamal Rajapaksha
Image Source : INDIATVChaamal Rajapaksha

चामल राजपक्षे की उम्र अभी 79 साल है और वह महिंदा राजपक्षे के बड़े भाई हैं। श्रीलंका सरकार में शिपिंग एंड एविएशन मिनिस्टर रह चुके हैं। अब तक वह सिंचाई विभाग संभाल रहे थे। चामल दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री सिरिमावो भंडारनायके के बॉडीगार्ड रह चुके हैं।

5. नामल राजपक्षे

Naamal rajapaksha
Image Source : INDIATVNaamal rajapaksha

नामल राजपक्षे 35 साल के हैं और वह महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे हैं। नामल मात्र 24 साल की उम्र में 2010 में वहां के सांसद बने। श्रीलंका सरकार में वह खेल और युवा मंत्रालय संभाल रहे थे। नामल पर आरोप है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल हैं। इसे नामल हमेळा ले नकारते आए हैं।

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