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'हर बार ट्रंप की नहीं सुनता', नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति को उन्हीं की भाषा में दिया जवाब; लेबनान को लेकर सामने आए मतभेद

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jun 22, 2026 06:34 pm IST,  Updated : Jun 22, 2026 06:34 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में लेबनान को लेकर दिए गए ट्रंप के बयान पर नेतन्याहू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं, और न ही मैं वह सब कुछ करता हूं जो वे चाहते हैं।"

नेतन्याहू ने ट्रंप को दिया जवाब।- India TV Hindi
नेतन्याहू ने ट्रंप को दिया जवाब। Image Source : X/ISRAELIPM

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि वह और डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे के निर्देश मानते हैं। नेतन्याहू ने यह बात डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि इजरायल पश्चिम एशिया में उनके आदेशों का पालन करता है। दरअसल, यरूशलेम न्यूज सिंडिकेट के इंटरनेशनल पॉलिसी समिट 2026 को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं, और न ही मैं वह सब कुछ करता हूं जो वे चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गौरवशाली देशों के नेता हैं; कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है।"

"हम अपने हितों के लिए खड़े": नेतन्याहू

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि समय-समय पर मतभेद होने के बावजूद, दोनों देशों के प्रमुख अपने-अपने राष्ट्रीय एजेंडे को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा, "हम अपने हितों के लिए खड़े हैं। मैं इजरायल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूं। अक्सर हमारी राय एक जैसी होती है और कभी-कभी नहीं होती। लेकिन हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं।"

ट्रंप ने इजरायल को लेकर क्या कहा था?

बता दें कि इससे पहले पिछले शुक्रवार को एक्सियोस (Axios) को दिए एक इंटरव्यू में, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे लेबनान पर हमले रोकने के लिए इजरायली सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकते हैं? इस पर ट्रंप ने दावा किया, "हां, मैं करूंगा। मेरा मतलब है, वे (इजरायल) मेरा बहुत सम्मान करते हैं, और वे वैसा ही करते हैं जैसा मैं कहता हूं।" नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को अच्छा बताते हुए ट्रंप ने कहा कि कभी-कभी उन्हें थोड़ा समझदार बनाए रखने की जरूरत पड़ती है, और साथ ही यह भी कहा कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजरायल का "अस्तित्व ही नहीं रहेगा"।

अमेरिकी-इजरायल में क्यों है मतभेद?

यह राजनयिक तनाव लेबनान में इजरायल के चल रहे सैन्य अभियान को लेकर वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच पैदा हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इन कदमों से ईरान के साथ पिछले हफ्ते हुई लंबी राजनयिक कोशिशों के बाद बनी सहमति (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के अस्थिर होने का खतरा है। इसके अलावा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में इजरायली कैबिनेट के उन सदस्यों को कड़ी चेतावनी दी है जिन्होंने इस समझौते का खुलकर विरोध किया है। वेंस ने कहा कि इजरायल के "एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी" की आलोचना करना गलत है, खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा मिलकर लड़ी जा रही उस जंग को देखते हुए, जो 28 फरवरी को शुरू हुई थी।

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