प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हुए कहा कि दुनिया के देशों को आपस में मिलजुकर समस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने दुनिया के सामने तीन बड़े खतरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और दुनिया के देशों का आत्मकेंद्रित होना बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगाी।
दी दो दशकों में इस सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री हैं। स्विजरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात करने के अलावा वह भारत द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे और बाद में वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के लिए एक रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। ('विंटर ओलंपिक' से पहले उत्तर कोरिया में मनाया जाएगा सेना का स्थापना दिवस )
भाषण के बाद पीएम मोदी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात करेंगे। मोदी कल वैश्विक व्यापारिक समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा वह अपना मुख्य भाषण भी देंगे। इस साल के सम्मेलन का विषय ‘क्रिएटिंग ए शेयर्ड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड’ है। मोदी ने देश से रवाना होने से पहले कल कहा था कि भारत का अन्य देशों के साथ संबंधों का हालिया वर्षों में विस्तार हुआ है। बाहरी दुनिया के साथ देश के संबंध वास्तव में बहुआयामी हुए हैं जिनमें राजनीतिक, आर्थिक, लोगों से लोगों के बीच और सुरक्षा तथा अन्य आयाम शामिल हैं।’ विश्व आर्थिक मंच की 48वीं सालाना बैठक में कारोबार, राजनीति, कला, अकादमिक और सिविल सोसायटी से विश्व के 3,000 से भी अधिक नेता भाग लेंगे। इसमें भारत से 130 से भी अधिक लोग भाग लेंगे। DAVOS LIVE UPDATES: