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रूस ने यूक्रेन में किया अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन, कोर्ट ने इन मामलों के लिए ठहराया जिम्मेदार

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Jul 09, 2025 04:10 pm IST,  Updated : Jul 09, 2025 04:21 pm IST

यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत ने पाया है कि रूस ने यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन किया है। यह भी पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने इस तरह का फासला सुनाया है।

व्लादिमीर पुतिन- India TV Hindi
व्लादिमीर पुतिन Image Source : AP

Russia Violates International Law In Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में रूस को बड़ा झटका लगा है। यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि रूस ने यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन किया है। साथ ही अदालत ने 2014 में विमान एमएच 17 को मार गिराए जाने के लिए भी रूस को जिम्मेदार ठहराया है। 

यूक्रेनी बच्चों का हुआ अपहरण?

यूक्रेन पर 2022 से जारी रूस के हमलों के बीच पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मॉस्को को मानवाधिकारों के हनन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह भी पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने 2014 की विमान त्रासदी के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें 298 लोगों की जान चली गई थी। इन मामलों में यूक्रेनी बच्चों का अपहरण भी शामिल है।

MH17 हादसा या मिसाइल अटैक?

MH17 एक बोइंग 777 विमान था, जो 33,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। जैसे ही यह विमान यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र के ऊपर पहुंचा, उसे एक मिसाइल ने मार गिराया था। विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए थे। डोनेट्स्क क्षेत्र उस समय रूस समर्थित विद्रोहियों के नियंत्रण में था, जो यूक्रेनी सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। संयुक्त जांच टीम (JIT), जिसमें नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, बेल्जियम और यूक्रेन शामिल थे, ने एक विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि विमान को "BUK" जमीन से हवा में मार करने वाली रूसी मिसाइल से गिराया गया था।

रूस ने JIT की वैधता पर उठाए सवाल

संयुक्त जांच टीम ने रूस पर आरोप लगाया कि उसने ना सिर्फ मिसाइल उपलब्ध कराई, बल्कि रूसी अधिकारियों की जानकारी और सहमति से यह हमला हुआ। रूस ने इन सभी आरोपों को नकार दिया और कहा कि यह हमला यूक्रेनी सेना द्वारा किया गया होगा। रूस ने जांच प्रक्रिया को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" बताया और संयुक्त जांच टीम की वैधता पर सवाल उठाए।

संयुक्त राष्ट्र में उठा है मामला

संयुक्त राष्ट्र में MH17 पर विशेष बैठकें हुईं, लेकिन रूस ने वीटो का प्रयोग कर जांच को आगे बढ़ने से रोका। पीड़ितों के परिवारों और मानवाधिकार संगठनों ने रूस की भूमिका पर कड़ी आपत्ति जताई। 2022 में एक डच अदालत ने चार लोगों (तीन रूसी नागरिक और एक यूक्रेनी विद्रोही) को दोषी ठहराया और उन्हें अनुपस्थिति में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, दोषी अब भी रूस में या अज्ञात स्थानों पर हैं और उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जा सका है।

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