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तो क्या एक मंच पर साथ दिखेंगे मेलोनी और पुतिन? जानें इटली PM के बयान के मायने

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jan 11, 2026 11:23 am IST,  Updated : Jan 11, 2026 11:23 am IST

इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी ने अपने बयान में बड़ा इशारा करते हुए कहा कि अब यूरोप को यूक्रेन में जंग रुकवाने को लेकर पुतिन के साथ सीधी बातचीत शुरू करनी होगी।

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इटली PM मेलोनी ने पुतिन के साथ बातचीत का समर्थन किया। Image Source : AP

Russia Ukraine War: ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ती बयानबाजी और यूरोप से मनमुटाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रूस-यूक्रेन जंग पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि यूरोपियन यूनियन को यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस से बातचीत शुरू करनी चाहिए। रोम में शुक्रवार को नए साल पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेलोनी ने साफ कहा कि वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से इत्तेफाक रखती हैं। उन्होंने दिसंबर में सुझाव दिया था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बार फिर बातचीत शुरू करते हैं।

रूस से बातचीत के समर्थन में आईं मेलोनी

rt.com में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्जिया मेलोनी ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि इस मुद्दे पर फ्रांस के राष्ट्रपति ठीक हैं। अब सही समय है और यूरोप को रूस से बातचीत करनी चाहिए। संघर्ष में सिर्फ एक पक्ष से बात करने की वजह से वार्ताओं में यूरोप का रोल सीमित रहा है।

यूक्रेन में विशेष दूत की नियुक्ति का सुझाव

हालांकि, जल्दबाजी और गड़बड़ी से बचने के लिए मेलोनी ने दोबारा बातचीत शुरू करने के खातिर यूक्रेन के लिए यूरोपियन यूनियन के एक विशेष दूत की नियुक्ति की सलाह दी। पहली बार यह हो रहा है जब यूरोपियन यूनियन में इस प्रकार का विचार सामने आया है। अगर आगे चलकर रूस और यूरोप के देशों की आपस में बात बन जाती है तो शायद रूसी राष्ट्रपति पुतिन और मेलोनी, एक टेबल पर बैठकर शांति के लिए बातचीत करते नजर आ सकते हैं।

रूस को लेकर EU में है मतभेद

गौरतलब है कि यूरोपियन यूनियन में रूस के साथ संबंधों को लेकर गहरे मतभेद हैं, जिनके कारण अभी तक टॉप लीडरशिप में एक रुख नहीं बन पाया है। कुछ मेंबर देश, जैसे- बाल्टिक देश, रूस से फिर बातचीत के लगातार खिलाफ रहे हैं।

ट्रंप से परेशान है EU की लीडरशिप

उधर, ग्रीनलैंड पर ट्रंप के रुख को लेकर यूरोपियन यूनियन के नेताओं में पहले से चिंता है। ट्रंप कह चुके हैं कि चाहे ग्रीनलैंड खरीदना पड़े या कोई और तरीका, वह ग्रीनलैंड लिए बिना नहीं मानेंगे। उनका कहना है कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो रूस और चीन ये कर सकते हैं। और वह अपना पड़ोसी रूस और चीन को नहीं रख सकते हैं।

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