Winston Howes Love Story: प्रेम कहानियां किताबों, फिल्मों या कविताओं में अमर होती हैं। लेकिन, हम आपको एक ऐसी प्रेम कहानी के बारे में बताते हैं जो प्रकृति के कैनवास पर जीवंत हो उठती हैं। यह अनोखी और दिल को छू लेने वाली कहानी ब्रिटेन के एक किसान विंस्टन हाउस की है। विंस्टन ने अपनी पत्नी की मौत के बाद उनकी याद में कुछ ऐसा किया जिसे दुनिया भर में प्रेम का शानदार प्रतीक माना जा रहा है।
अमर हो गई प्रेम कहानी
विंस्टन हाउस ने 6000 से ज्यादा ओक के पेड़ लगाकर एक दिल के आकार का मैदान बनाया है। पेड़ और वो भी दिल का आकार यह ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसने उनकी प्रेम कहानी को हमेशा के लिए अमर कर दिया है। यह कहानी प्रेम और समर्पण की ऐसी मिसाल है जो बताती है कि कैसे एक साधारण विचार जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी को भी एक खूबसूरत याद में बदल सकता है।
पत्नी के साथ बिताए 33 साल
विंस्टन हाउस अब तकरीबन 70 साल के हो चुके हैं और ब्रिटेन के साउथ ग्लूस्टरशायर में विकवार के पास एक 112 एकड़ के फार्म पर रहते हैं। विंस्टन के जीवन की शुरुआत एक सामान्य किसान की तरह ही थी, लेकिन उनकी पत्नी जेनेट के साथ बिताए 33 साल उनके जीवन के सबसे खूबसूरत पल थे। जेनेट और विंस्टन की मुलाकात युवावस्था में हुई थी और फिर जल्द ही दोनों ने शादी कर ली थी।
खुशियों से भरा था वैवाहिक जीवन
विंस्टन का वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा था साथ में खेतीबाड़ी करना, परिवार के साथ रहना, छोटी-छोटी खुशियों को साझा करना उनके जीवन का हिस्सा था। लेकिन, 1995 में अचानक जेनेट की मौत हो गई। यह घटना विंस्टन के लिए बड़ा सदमा थी। जेनेट की मौत ने विंस्टन को पूरी तरह तोड़ दिया था। रातों की नींद हराम हो गई थी, दिन उदासी में बीत रहे थे। बकौल विंस्टन अपनी पत्नी की यादों में खोए रहते थे और कुछ ऐसा करना चाहते थे जो जेनेट को हमेशा जीवित रखे।
एक विचार ने बदल दी जिंदगी
दुख की इस घड़ी में विंस्टन को एक विचार आया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने सोचा कि क्यों ना अपनी पत्नी की याद में कुछ ऐसा किया जाए जो प्रकृति के साथ जुड़ा हो। बस इसी विचार से उन्होंने अपने फार्म के छह एकड़ मैदान में 6000 ओक के पौधे लगाने का फैसला किया। लेकिन, यह कोई साधारण विचार नहीं था, उन्होंने पेड़ों को इस तरह व्यवस्थित किया कि बीच में एक दिल के आकार का खुला मैदान रह जाए। दिल के बीच में उन्होंने डैफोडिल के फूल लगाए, जो वसंत में खिलकर इसे और भी खूबसूरत बना देते हैं। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में विंस्टन को कई साल लगे। उन्होंने खुद ही पौधे लगाए, उनकी देखभाल की और सबकुछ सीक्रेट रखा, यहां तक कि उनके पड़ोसियों को भी इसकी भनक नहीं लगी वो असल में कर क्या रहे हैं।
2012 में दुनिया को पचा चली सच्चाई
2012 में एक हॉट एयर बैलून में सवार एक शख्स ने ऊपर से इस दिल के आकार को देखा और इसकी तस्वीरें लीं। जल्द ही यह तस्वीरें मीडिया में वायरल हो गईं। इसके बाद दुनिया भर में लोगों ने विंस्टन के काम को खुले दिल से सराहा। गार्जियन अखबार ने इसे "एक गुप्त दिल के आकार का स्मारक" बताया, जबकि अन्य मीडिया आउटलेट्स ने इसे प्रेम की अमर कहानी के रूप में पेश किया। विंस्टन ने बताया कि यह उनके लिए एक निजी जगह है, जहां वह जेनेट की याद में अकेले बैठते हैं और शांति पाते हैं। लेकिन, जब यह दुनिया के सामने आया तो इसने लाखों लोगों को प्रेरित किया और अब उनकी प्रेम कहानी अमर हो गई है।
यह भी पढ़ें:
पाकिस्तान में मरियम नवाज के इस फैसले पर मच गया हाहाकार, विरोधियों ने दागे सवाल