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बच्चों के शोषण के मामले में पाकिस्तान ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, रिपोर्ट में खुलासा!

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Aug 07, 2026 11:58 pm IST,  Updated : Aug 08, 2026 12:05 am IST

पाकिस्तान में बच्चों के साथ अपराध के मामलों में चिंताजनक रूप से बढ़ोतरी हुई है। 2026 के पहले 6 महीनों में ही ऐसे करीब 2 हजार केस सामने आ गए हैं।

Pakistan child crime report 2026- India TV Hindi
बच्चों के शोषण और अपराध में पाकिस्तान आगे। Image Source : ANI (प्रतीकात्मक फोटो)

पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 'डॉन' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था 'साहिल' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 के पहले 6 महीने में ही पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ क्राइम के मामलों में चिंताजनक उछाल आया है। 2026 में जनवरी से जून तक बच्चों के साथ 1 हजार 914 मामले अपराध के सामने आए हैं।

बच्चों के साथ शोषण के 1015 मामले आए सामने

'डॉन' के अनुसार, इस साल की पहली छमाही के दौरान अलग-अलग घटनाओं में 49 नवजात शिशु लावारिस हालत में बरामद हुए, जबकि बच्चों के यौन शोषण के 1 हजार 15 केस सामने आए, जो सबसे ज्यादा रिपोर्ट किया गया अपराध है। आंकड़ों में किडनैपिंग के 558 केस, बच्चों के लापता होने के 101 केस और बाल विवाह के 35 केस भी रजिस्टर किए गए।

पाकिस्तान में कहां-कहां से जमा किए गए आंकड़े?

जान लें कि बच्चों के खिलाफ अपराध की ये रिपोर्ट पाकिस्तान के 4 प्रांतों के साथ-साथ इस्लामाबाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में पब्लिश होने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अखबारों की खबरों के आधार पर तैयार की गई है।

11-15 साल के बच्चों को सबसे ज्यादा किया गया टारगेट

पीड़ितों में 58 फीसदी लड़कियां हैं। सबसे ज्यादा अपराध 11 से 15 साल की उम्र के बच्चे के साथ हुआ। ऐसे 598 पीड़ित बच्चे हैं जिनकी उम्र 11-15 साल थी, जबकि 16 से 18 साल के 356 बच्चे भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा, 329 पीड़ित बच्चों 6 से 10 साल की आयु के भी हैं, जबकि 95 बच्चे तो 5 साल या उससे कम उम्र के हैं। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड में शामिल 487 पीड़ितों की उम्र के बारे में पता नहीं चल पाया है।

ज्यादातर अपराधी, पीड़ितों से थे परिचित

पड़ताल में यह भी मालूम चला कि अपराधी ज्यादातर बार पीड़ितों के परिचित होते थे। रिपोर्ट किए गए केस में से 43 फीसदी में परिचितों को कथित अपराधी के तौर पर पहचाना गया, जबकि 34 प्रतिशत केस में अनजान लोग अपराध में शामिल थे। करीब 45 फीसदी शोषण की घटनाएं पीड़ितों के घरों में हुईं, जबकि 18 प्रतिशत वारदातें संदिग्धों के घरों में हुईं। 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, 3 फीसदी अपराध खुले खेतों में अंजाम दिए गए, जबकि 21 प्रतिशत वारदातों में जगह का पता नहीं चल पाया।

80 फीसदी मामले पाकिस्तान के पंजाब में हुए

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, इन आपराधिक मामलों में से 57 फीसदी केस शहरी इलाकों में हुए, जबकि 43 प्रतिशत केस ग्रामीण इलाकों में सामने आए। दिलचस्प है कि सबसे ज्यादा यानी 80 फीसदी मामले पंजाब में रजिस्टर किए गए, इसके बाद सिंध में 15 फीसदी केस सामने आए, और बाकी 5 प्रतिशत वारदातें देश के अन्य भागों से रिपोर्ट हुए। हाल ही में पाकिस्तानी सेना के PoK में सड़कों पर कत्लेआम मचाने की खबर आई थी, जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत कंफर्म बताई गई थी।

(इनपुट- ANI)

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