वाशिंगटन: आस्ट्रेलिया और अमेरिका ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक महत्ता को स्वीकार करते हुए उसके साथ सुरक्षा मामलों खासकर आतंकवाद विरोधी, नौवहन सुरक्षा, बहुराष्ट्रीय अपराध रोकथाम और साइबर नीति के मामलों में बढते सहयोग एवं संबंधों का स्वागत किया है। दोनों देशों ने बोस्टन में आस्ट्रेलिया-अमेरिका मंत्रिस्तरीय (AUSMIN) वार्ता के बाद कहा, दोनों पक्ष एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक महत्ता को जानते हैं और उसके साथ सुरक्षा मामलों खासकर आतंकवाद विरोधी, नौवहन सुरक्षा, बहुराष्ट्रीय अपराध रोकथाम और साइबर नीति के मामलों में बढते सहयोग एवं संबंधों का स्वागत करते हैं।
दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में चीन की निर्माण संबंधी हालिया गतिविधि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी दावेदार देशों से भूमि पर निर्माण संबंधी गतिविधि एवं सैन्यीकरण रोकने की अपील की है। अमेरिका और आस्ट्रेलिया ने सभी दावेदारों से संयम बरतने, तनाव कम करने के लिए कदम उठाने और तनाव बढा सकने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने देश के विदेश मंत्री जॉन केरी और आस्ट्रेलियाई समकक्षों के साथ बोस्टन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, अब कोई गलती नहीं अमेरिका वहां उड़ान भरेगा, जलयात्रा करेगा और संचालन करेगा, जहां कहीं भी अंतरराष्ट्रीय कानून अनुमति देता है। हम विश्व भर में ऐसा करते हैं और दक्षिण चीन सागर कोई अपवाद नहीं है और न होगा।
कार्टर ने कहा कि हमारे दोनों देशों के साथ जापान, फिलीपीन, भारत और वियतनाम समेत कई पड़ोसी देश आगे आए हैं। सभी देशों का हित क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाते हुए समृद्ध बनने में है। उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में अत्यधिक सैन्य गतिविधि और अनिश्चितता के कारण क्षेत्र में कई देशों के साथ अमेरिका का समुद्री सहयोग बढा है। इस बीच आस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप ने कहा कि दक्षिण चीन सागर के उपर उड़ान भरने और नौवहन की आजादी में उनके देश का गहरा राष्ट्रीय हित है क्योंकि उसका करीब दो तिहाई वाणिज्यिक माल इन समुद्रों से होकर जाता है। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए केवल हमारे सहयोगी अमेरिका के साथ ही नहीं बल्कि अन्य आसियान देशों के साथ भी काम करना जारी रखेंगे कि दक्षिण चीन सागर में सभी मसलों को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए और इलाके में तनाव बढ़ाने वाले किसी भी प्रतिरोधी एकतरफा व्यवहार को समर्थन नहीं दिया जाए। हम इस संदर्भ में तनाव कम करने के लिए आह्वान करते हैं।