वाशिंगटन: अमेरिका की एक मीडिया निगरानी संस्था ने इस सप्ताह बिहार और झारखंड में दो पत्रकारों की जघन्य हत्याओं के मामले में आज जांच की मांग की। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स एशिया प्रोग्राम के वरिष्ठ रिसर्च एसोसिएट सुमित गलहोत्रा ने एक बयान में कहा, पत्रकारों की हत्या के मामले में पुलिस जांच का स्वागत है, वहीं हत्यारों को गिरफ्तारी या सख्त कैद की सजा के बिना जांच से गलत संदेश जाएगा।
एक हिंदी अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन को कल शाम गोली मार दी गयी जब वह अपनी मोटरसाइकिल से एक फल बाजार के पास से निकल रहे थे। 45 साल के रंजन की अस्पताल ले जाने के रास्ते में मृत्यु हो गयी।
इस घटना से 24 घंटे से भी कम समय पहले झारखंड के चतरा जिले के देवरिया में अग्यात लोगों ने एक समाचार चैनल के पत्रकार अखिलेश प्रताप सिंह (35) की गोली मारकर हत्या कर दी।
गलहोत्रा ने कहा, भारत में पत्रकारों की हत्या करने वालों पर मुकदमे के खराब रिकार्ड से मीडिया के लिए खतरनाक माहौल बनता जा रहा है।