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खगोल वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा के नए हिस्से खोजे

 Written By: IANS
 Published : Oct 31, 2015 01:17 pm IST,  Updated : Oct 31, 2015 01:17 pm IST

न्यूयार्क: खगोल वैज्ञानिकों के एक दल ने हमारी आकाशगंगा के एक नए हिस्से की खोज की है। यह हिस्सा युवा तारों की एक महीन तश्तरी है, जो आकाशगंगा के मध्य में घने धूल के बादलों

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खगोल वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा के नए हिस्से खोजे

न्यूयार्क: खगोल वैज्ञानिकों के एक दल ने हमारी आकाशगंगा के एक नए हिस्से की खोज की है। यह हिस्सा युवा तारों की एक महीन तश्तरी है, जो आकाशगंगा के मध्य में घने धूल के बादलों से ढका है। पहले यह धारणा थी कि आकाशगंगा के मध्य में काफी संख्या में पुराने तारे हैं, लेकिन अध्ययन बताता है कि इनमें बहुत से नए तारे भी मौजूद हैं। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चिली के यूरोपियन साउदर्न आब्जर्वेटरी के पारानल ऑब्जर्वेटरी के विस्टा दूरबीन की 2010 से 2014 के बीच के आंकड़ों का इस्तेमाल किया।

चिली में पॉनटिफिकल कैथलिक यूनिवर्सिटी में मुख्य लेखक इस्तवान डेकेनी ने बताया कि आकाशगंगा में सैकड़ों की संख्या में पुराने तारे मौजूद हैं, लेकिन विस्टा के अनुसार, इन तारों में काफी नए तारे भी हैं, जिनकी उम्र ज्यादा नहीं है। खगोल वैज्ञानिकों ने 655 प्रकार के तारे ढूंढे हैं, जिनके नाम सिफाइड्स हैं। खास बात है कि इन तारों के आकार और इनकी चमक में भी स्वत: बदलाव होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सभी सिफाइड्स एक जैसे नहीं होते हैं। इनकी दो श्रेणियां हैं, जिनमें कुछ नए तारे हैं।

टीम ने 655 नमूनों का अध्ययन करने के बाद 35 प्रकार के तारों को क्लासिकल सिफाइड्स की श्रेणी में रखा। इनमें दूसरों से अलग, काफी पुराने और ज्यादा चमकदार सितारों की श्रेणी भी शामिल है। चिली के एंड्रेस बैलो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक, डेंट मिनिटी के अनुसार, खोज में पता चला है कि ये सभी 35 सिफाइड्स 10 करोड़ साल से कम पुराने हैं। सबसे नवीनतम सिफाइड 2.5 करोड़ साल का हो सकता है।

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