रियो डी जेनेरियो: ब्राजील की सरकार ने एक वायरस के फैल जाने के कारण एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी दंपत्ति बच्चे पैदा ना करें। दरअसल इस वायरस का नाम जीका है जो कि मच्छरों के कारण फैलता है, यह वायरस नवजात शिशुओं पर हमला करता है। इस वायरस के शरीर में प्रवेश करने से बच्चों में विकास नहीं हो पाता और उनको विशेष देख-रेख की आवश्यकता होती है। पिछले साल इस वायरस के 147 मामले सामने आए थे लेकिन इस बार इसमें इजाफा हुआ है इस साल इस वायरस से 2400 मामले सामने आए हैं।
ओस्वाल्डो क्रूज अस्पताल में पेडियाट्रिक इन्फैक्शनोलॉजिस्ट एंजेला रोशा का कहना है कि, 'संतान को जन्म देना या गर्भधारण करना बेहद निजी मामला है। लेकिन अगर परिवार इसे फिलहाल टाल सकें तो हम इसकी सिफारिश करते हैं।'
सबसे पहले युगांडा में आया जीका वायरस
1940 में सबसे पहले युगांडा में जीका वायरस का मामला सामने आया था। धीरे-धीरे यह वायरस अफ्रीका में भी फैलने लगा. जहां से यह दक्षिण प्रशांत और एशिया की कईं जगहों में फैला। इस साल इस वायरस के लक्षण ब्राजील में देखे गए। डॉक्टरों का कहना है कि 2014 में हुए विश्व कप के दौरान ही शायद यह वायरस ब्राजील आया था।
क्या है लक्षण
इस वायरस से प्रभावित व्यक्ति में तेज बुखार होता है। जोड़ों में दर्द होने लगता है आखों में जलन होने के साथ-साथ हाथ पांव में सूजन आने लगती है।
बीमारी के दुष्प्रभाव
इस वायरस से माइक्रोसेफली नामक बीमारी होती है। इस बिमारी में नवजात शिशु का सिर छोटा रह जाता है और उसके दिमाग का विकास भी नहीं हो पाता। इस रोग से अब तक 29 नवजात शिशुओं की जान जा चुकी है। डॉक्टर बच्चों की मृत्यु की जांच कर रहे हैं।
सरकार ने अलर्ट जारी किया
ब्राजील के 20 राज्यों में इस बीमारी के मामले सामने आए हैं। जिससे सरकार ने 6 राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बच्चों की पूरी एक पीढ़ी प्रभावित होगी। इस बीमारी के कारण नवजात शिशुओं की माओं में भी जीका वायरस के लक्षण देखे गए है।