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कोरोना वायरस के चलते गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे दुनिया के 6 करोड़ से भी ज्यादा लोग

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 20, 2020 07:58 am IST,  Updated : May 20, 2020 07:58 am IST

वर्ल्ड बैंक ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में 6 करोड़ से अधिक लोग निपट गरीबी के दलदल में फंसेंगे।

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World Bank says COVID-19 to push 60 million into poverty. Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

वॉशिंगटन: वर्ल्ड बैंक ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में 6 करोड़ से अधिक लोग निपट गरीबी के दलदल में फंसेंगे। इस वैश्विक निकाय ने इस वैश्विक संकट से उबरने के अभियान के तहत 100 विकासशील देशों को 160 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। यह पूरी सहायता 15 महीने की अवधि में दी जाएगी। विश्वबैंक के अध्यक्ष डेविड मालपॉस ने कहा, ‘इस महामारी और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बंद होने से 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी की दलदल में फंस जाएंगे।’

‘15 महीने में दी जाएगी 160 अरब डॉलर की राशि’

मालपॉस ने कहा कि हाल के दिनों में गरीबी उन्मूलन की दिशा में जो प्रगति हुई है, उसमें से बहुत कुछ खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘विश्व बैंक समूह ने तेजी से कदम उठाया है और 100 देशों में आपात सहायता अभियान शुरू किया है। इसमें अन्य दानदाताओं को कार्यक्रम के तेजी से आगे बढ़ाने की अनुमति होती है।’ उन्होंने कहा कि 160 अरब डालर की राशि 15 माह में दी जाएगी। विश्व बैंक से सहायता पा रहे इन 100 देशों में दुनिया की 70 प्रतिशत आबादी रहती है। इनमें से 39 अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र के हैं। कुल परियोजनाओं में एक तिहाई अफगानिस्तान, चाड, हैती और नाइजर जैसे नाजुक और चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों में हैं।

‘देशों के हिसाब से तैयार किया गया कार्यक्रम’
मालपॉस ने कहा, ‘वृद्धि के रास्ते पर लौटने के लिये हमारा लक्ष्य स्वास्थ्य आपात से निपटने को लेकर तीव्र और लचीला रुख होना चाहिए। साथ ही गरीबों की मदद के लिये नकद और अन्य सहायता, निजी क्षेत्र को बनाये रखना तथा अर्थव्यवस्था की मजबूती और पुनरूद्धार को मजबूत बनाना होना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को देशों के हिसाब से तैयार किया है ताकि वे स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक झटकों से प्रभावी तरीके से निपट सके जिसका वे सामना कर रहे हैं। मालपॉस ने कहा कि इस कार्यक्रम से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों की खरीद में मदद मिलेगी। 

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