बीजिंग: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कड़ा रुख दिखाते हुए कहा था कि चीन के साइबर हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके एक दिन बाद बीजिंग ने आज कहा कि अमेरिका और चीन में इस बारे में एक अहम सहमति बनी है कि साइबर अपराधों का डटकर मुकाबला किया जाए।
सरकार संचालित समाचार एजेंसी शिन्हुआ की आज की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष दूत मेंग जियांझू की वाशिंगटन यात्रा के दौरान यह सहमति बनी। मेंग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी की इस महीने के आखिर में अमेरिका की प्रथम राजकीय यात्रा से पहले मेंग की यात्रा हुई। शी की यात्रा के लिए तारीखों की घोषणा की जानी बाकी है।
बुधवार से शनिवार तक की यात्रा के दौरान मेंग ने साइबर अपराधों सहित कानून प्रवर्तन और सुरक्षा पर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजैन राइस के साथ गहराई से विचारों का आदान प्रदान किया।
साइबर हमलों और वाणिज्यिक साइबर जासूसी के खिलाफ चीन के सख्त रूख पर जोर देते हुए मेंग ने कहा कि चीनी क्षेत्र में ऐसी कोई गतिविधि करने वाला कोई व्यक्ति जो चीन के कानून का उल्लंघन करता है वह विधिक दायित्व का जिम्मेदार होगा।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर चीन-अमेरिका वार्ता और सहयोग दोनों देशों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों की पूर्ति करता है
गौरतलब है कि वाशिंगटन से सप्ताहांत में आई खबर में ओबामा के हवाले से कहा गया था कि चीन से साइबर हमले स्वीकार्य नहीं होंगे।