
वैज्ञानिकों ने इसका परिक्षण सबसे पहले चूहों पर किया। चूहों पर परिक्षण करते हुए वैज्ञानिकों ने पाया कि जो ड्रग्स जेनस किनेस(janus kinase) एंजाइम से ताल्लुक रखते है उन्हें लगाने पर त्वचा के बालों में वृद्धि होती है। वैज्ञानिकों ने चूहो पर दो तरह कि दवाईयों (रुक्सोलिटिनिब और टोफासीटिनिब) का प्रयोग किया और पाया कि दोनो ही प्रकार की दवाईयों से मात्र तीन हफ्तों में उनके त्वचा के बालों में वृद्धि हुई। वैज्ञानिकों ने इसी तरह लेब में बनाए गए मानव खोपड़ियों पर भी इसका प्रयोग किया। शोध में पाया गया कि इस दवाई से चूहों की तरह मानवीय खोपड़ी में भी बालों की वृद्धि तेजी से हुई।
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