वाशिंगटन: अमेरिका के एक हिंदू समर्थक समूह ने कहा है कि पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने के अमेरिका के निर्णय का मतलब पाकिस्तान को उसके बुरे व्यवहार के लिए पुरस्कृत करना होगा। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने कल एक बयान में कहा, ओबामा प्रशासन ने अपने इस मूल्यांकन के बावजूद इस निर्णय की घोषणा की कि पाकिस्तान सरकार, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से, उन इस्लामी आतंकवादी समूहों का समर्थन करती है जो उसके पड़ोसियों, भारत और अफगानिस्तान को निशाना बनाते हैं। HAF के वरिष्ठ निदेशक समीर कालरा ने कहा, हम पाकिस्तान को ये अत्याधुनिक लड़ाकू विमान बेचने के ओबामा प्रशासन के निर्णय की पुरजोर निंदा करते हैं।
संगठन ने अमेरिकी कांग्रेस से इस समझौते का विरोध कर क्षेत्र में आतंकवाद के असंख्य पीडि़तों और पाकिस्तान में लंबे समय से पीडि़त धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ खड़े होने की अपील की। कालरा ने कहा, जब पाकिस्तानी नागरिक बड़े पैमाने पर उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं और पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने देश की नीति के अहम उपकरण के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल बंद करने से इनकार कर दिया है, तो ऐसे में एफ-16 विमानों की बिक्री का मतलब पाकिस्तान को उसके बुरे व्यवहार के लिए पुरस्कृत करना ही होगा।