संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूटान में अपने समकक्ष से मुलाकात के बाद एक भारतीय राजनयिक ने बताया कि भारत ने भूटान में पनबिजली परियोजनाओं में सहयोग किया है और इसके पूरा होने पर 1.1 करोड़ मीट्रिक टन कार्बन की बचत होगी। संयुक्त राष्ट्र सतत विकास शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना सत्र से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की। प्रधानमंत्री के भाषण को भूटानी नेता ने दूरदर्शी बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कल संवाददाताओं को बताया कि दोनों नेताओं ने भूटान में भारत समर्थित पनबिजली परियोजना की बेहतर प्रगति की सराहना की। स्वरूप ने कहा, उपयोग के लिए उपलब्ध होने पर इन परियोजनाओं से 80 प्रतिशत बिजली भारत को निर्यात होगी और इससे हम 1.1 करोड़ मीट्रिक टन कार्बन बचा पाएंगे। तोबगे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के बाद भारत की स्थायी सदस्यता के लिए भूटान के समर्थन की भी बात कही। स्वरूप ने कहा, भूटान ने कहा कि यह असंगतहै कि भारत जैसा देश अभी तक स्थायी सदस्य नहीं है। दोनों पक्षों के बीच सतत विकास के लक्ष्यों , जलवायु परिवर्तन, भारत की ओर से भूटान में क्रियान्वित लघु विकास परियोजनाओं की प्रगति और पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा हुई जो भारत-भूटान संबंधों के बीच एक और मजबूत सेतु का काम कर सकते हैं ।