वाशिंगटन: अमेरिका, भारत और जापान ने अपनी त्रिपक्षीय साझेदारी को मंत्रीस्तर तक आगे ले जाने का निर्णय किया है जिसके लिए पहली बैठक अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर होगी। आशंका जताई जा रही है कि इस घटनाक्रम से चीन की त्यौरियां तन सकती हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, संयुक्त राष्ट्र महासभा के अगले सप्ताह आयोजित होने वाले सत्र के दौरान मैं, सुषमा स्वराज और जापान के विदेश मंत्री किशिदा हमारे तीन महान लोकतांत्रिक देशों के बीच नीतियों के समन्वय के लिए पहली त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय वार्ता करेंगे। उन्होंने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज, अमेरिका की वाणिज्य मंत्री पेन्नी प्रित्जकर और भारत की वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ कल एक सम्मेलन को संबोधित किया। सुषमा ने कहा, मैं और केरी तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की पहली त्रिपक्षीय बैठक के लिए कुछ दिनों में हमारे जापानी समकक्ष किशिदा के साथ मुलाकात करेंगे।
बाद में विदेश मंत्रालय में अमेरिका संबंधी मामलों के संयुक्त सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने संवाददाताओं को बताया कि यह महसूस किया गया कि इस संबंध को आगे ले जाने की आवश्यकता है और यह सही समय है कि जब तीनों विदेश मंत्री स्थिति की समीक्षा करें और आगे की कार्रवाई की योजना तैयार करें जिसके मद्देनजर बैठक के संबंध में निर्णय लिया गया। भारत, अमेरिका और जापान के बीच संयुक्त सचिव स्तर की पहली त्रिपक्षीय बैठक दिसंबर 2011 को हुई थी। इसके बाद से तीनों देशों के अधिकारी साल में दो बार बैठक करते हैं। यह वार्ता अमेरिका के नजरिए से एशिया की धुरी नीति का हिस्सा है जबकि भारत के लिए यह एक्ट ईस्ट एशिया नीति का हिस्सा है।
इसे भी पढ़ें: मोदी की यात्रा का 34 अमेरिकी सांसदों ने स्वागत किया