वॉशिंगटन: अमेरिका में बेहद ही चौकां देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक पिता अपने बेटे के साथ शादी करना चाहता है। लेकिन कोर्ट ने दोनो की राइट टू मैरी पिटीशन को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह लीगल नहीं है, क्योंकि दोनो बाप- बेटे है। गौरतलब है कि अमेरिका में इसी वर्ष कोर्ट ने गे विवाह को मंजूरी दी थी। अब इस कपल ने सु्प्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।
क्या है मामला
रिटायर्ड टीचर नीनो एस्पोसिटो 78 साल के है, उन्होंने 2012 में रोलान्ड ड्र्यू बोसी जो कि 68 साल के है को एडॉप्ट (गोद) किया था। दोनों 1978 से ही साथ रह रहे हैं। उन्हें लगा कि अमेरिका में गे मैरिज को मान्यता नहीं मिलेगी। इसलिए नीनो ने बोसी को एडॉप्ट करने का फैसला किया था।
'एडॉप्शन' बना शादी की राह में जोड़ा
'एडॉप्शन' इस जोड़े की शादी की राह में रोड़ा बन गया है। कपल का कहना है कि, अमेरिका में गे मैरिज लीगल होने के बाद उन्होंने कोर्ट में 'राइट टू मैरी' का पिटीशन लगाया था। लेकिन जज ने दोनों को बाप-बेटा बताकर उनकी याचिका खारिज कर दिया।
मिल रहा है समर्थन
कपल को सपोर्ट कर रहे ACLU(पेनसिलवेनिया) ग्रुप का कहना है कि, यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे कई कपल हैं, जिन्होंने अपने रिलेशन को बचाने के लिए एडॉप्शन का सहारा लिया था।