वाशिंगटनः अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह होने वाली अमेरिका यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और उसके जश्न के संबंध में है। अमेरिका में भारत के दूत अरूण के सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह यात्रा से पहले भारतीय संवाददाताओं के समूह को बताया, यह निमंत्रण और यात्रा दोनों देशों के संबंधों की मजबूती एवं जश्न का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री पेनसिल्वेनिया एवेन्यु पर अमेरिकी राष्ट्रपति के निजी अतिथि गृह ब्लेयर हाउस में ठहरने की संभावना है और दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं के व्हाइट हाउस में सात जून को मुलाकात की, जिसमें प्रतिनिधि स्तर की बैठक एवं सीधी बातचीत शामिल है। इसके बाद दोनों नेता मीडियाकर्मियों को संबोधित कर सकते हैं।
मोदी छह जून को एंड्रयूज स्थित ज्वाइंट एयरफोर्स बेस पर पहुंचेंगे और अमेरिका की राजधानी में उनके 50 घंटों से अधिक समय बिताने की संभावना है। बहरहाल, अब तक उनकी यात्रा के संबंध में अंतिम रूप देना बाकी है और इस दौरान वहां पहुंचने पर दोपहर में मोदी आर्लिंगटन नेशनल सीमेट्री में टूम ऑफ अननोन सोल्डर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकते हैं।
इसके बाद ओबामा मोदी के लिए भोज का आयोजन करेंगे। शाम में मोदी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस सहित अमेरिका के कॉरपोरेट नेताओं से मुलाकात करेंगे और भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के अपने निरंतर प्रयास के तहत यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल यूएसआईबीसी के वार्षिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
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भारत के दूत ने बताया, उनकी मोदी की यात्रा का एक अहम पहलू यह भी है कि वह आठ जून को अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे। लगातार चार बैठकों में हिस्सा लेने के मकसद से मोदी तकरीबन चार घंटों तक हिल में समय बिता सकते हैं, जहां उनकी अगवानी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पॉल रेयान करेंगे।
गौरतलब है कि रेयान ने ही मोदी को अमेरिकी कांग्रेस में उनके पहले संयुक्त संबोधन के लिए आमंत्रित करने का फैसला किया था। इसके बाद मोदी सीनेट और प्रतिनिधिसभा की विदेशी संबंध मामलों पर समिति और दोनों सदनों के इंडिया कॉकस की ओर से उनके सम्मान में आयोजित भोज में शामिल होंगे। इस तरह के भोज का आयोजन यदा कदा ही होता है। इस भोज में करीब 400 लोगों के शामिल होने की संभावना है।