वॉशिंगटन: नासा के शोध से प्रेरित गुरुत्वाकषर्ण रोधी सूट जिसे 'मिरैकल सूट' के नाम से भी जाना जाता है। ये बच्चे के जन्म के बाद रक्तस्राव को रोकने में नव प्रसूताओं की काफी मदद कर रहा है। यह जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने दी है। हर साल करीब 70 हजार महिलाएं प्रसूति के दौरान अधिक रक्त स्राव से मर जाती हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाएं कम विकसित देशों की होती हैं, जहां प्रभावी इलाज, खून चढ़ाने और सर्जरी में विलंब आदि रोगों का ईलाज संभव नहीं होता है।
इससे पहले नासा के एमेस शोध केंद्र से शोधकर्ताओं ने महिला के शरीर के निचले हिस्से में गुरुत्वाकषर्ण रोधी सूट या जी सूट का प्रयोग करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें हवा से भरी थली का प्रयोग कर रक्त को बहने से रोका जाता है।
इससे पहले भी नासा ने बशोध किए हैं हाल ही में नासा ने एक शोध किया था। इस शोध में लोगों को सोना था और इस काम को करने के लिए नासा लोगों को 12 लाख रुपए तक दे रहा था। नासा के वैज्ञानिकों को काफी लंबे समय के लिए अंतरिक्ष पर रहना होता है। यहां पर यात्रियों को माइक्रोग्रैविटी पर रहना होता है, इसलिए नासा से इससे होने वाले प्रभावों को को जानने के लिए एक शोध किया था।
इस शोध को करने के लिए नासा ने 12 लाख का इनाम भी रखा है। जहां आपको 70 दिन तक बेड पर सो कर और करीब 12 लाख रुपए कमा सकते थे, इस ‘बेड रेस्ट स्टडीज’ के जैसे शोधों को नासा हर साल कराता है।