वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि बंदूक से की जाने वाली हिंसा के निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों के बारे में इस सप्ताह बात करते समय वह सार्वजनिक रूप से अपने रो पड़ने को लेकर स्वयं हैरान हैं। ओबामा ने यहां एक उपनगर में बंदूक संबंधी कानूनों पर एक टाउन हॉल में सीएनएन से कहा, वास्तव में मैं खुद भी हैरान था। अमेरिकी राष्ट्रपति से इस सप्ताह व्हाइट हाउस में उनके रो पड़ने की घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि उस समय कई लोग हैरान हो गए थे। ओबामा ने कहा, मैंने पहले भी कहा है। यह मुझे डराता है। यह मेरे राष्ट्रपति शासन के सबसे बुरे दिनों में से एक दिन था। कनेक्टिकट में बच्चों के मारे जाने की घटना पर बोलते हुए ओबामा रो पड़े थे।
ओबामा की आंखों में क्यों आए आंसू?
ओबामा ने कहा, ‘हमारे जीने का हक, आजादी और खुशी की चाहत के अधिकार से ब्लैक्स बर्ग कॉलेज के बच्चे, सांटा बारबरा और कोलंबाइन के स्कूली बच्चे और न्यूटाउन के पहली क्लास के बच्चे महरूम कर दिए गए। पहली क्लास के बच्चे भी और उन सभी परिवारों से भी वो अधिकार छीन लिए गए जिन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बंदूक की गोली उनके प्यारे बच्चों को उनकी जिंदगी से दूर कर देगी।’
बच्चों के बारे में बोलते-बोलते अचानक ओबामा की आंखें नम हो गई और वो रो पड़े। तीन साल पहले दो सिरफिरों ने न्यूटॉउन के स्कूल में घुस कर बीस बच्चों को मार डाला था। उन बच्चों को याद करने के लिए लोगों की भीड़ जुटी थी। मासूमों को याद करते वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपना दर्द नहीं छिपा पाए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जब भी उन बच्चों को याद करता हूं, तो मैं परेशान हो जाता हूं और वैसे भी, ये तो शिकागो की सड़कों पर हर रोज होता है।
बता दें कि अमेरिका में 2012 से अब तक 990 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। इस गोलीबारी की घटनाओं में 600 बच्चों की मौत हो चुकी है।