वाशिंगटन: माइक्रोबियल आंकड़ों के अब तक के सबसे बड़े विश्लेषण के अनुसार पृथ्वी पर संभावित तौर पर एक हजार अरब प्रजातियों का वास है, जिनमें से 99.999 प्रतिशत की खोज अब तक नहीं हो सकी है। अनुसंधानकर्ताओं ने सरकारी, अकादमिक, नागरिक विज्ञान स्रोतों से प्राप्त माइक्रोबियल, पौधों और पशुओं से जुड़े आंकड़ों को जोड़कर यह अध्ययन किया और इस तरह अपने आप में यह सबसे व्यापक अध्ययन सिद्ध हुआ है।
इनमें अंटार्कटिका को छोड़कर विश्व भर के सागरों, महाद्वीपों के 35,000 से अधिक स्थानों के 56 लाख सूक्ष्म और गैर-सूक्ष्म प्रजातियों से जुड़े आंकड़े हैं। अमेरिका के इंडियाना विश्वविद्यालय में पोस्ट डॉक्टोरल फैलो केन्नेथ जे लोसे ने कहा, पृथ्वी पर मौजूद प्रजातियों का आकलन करना जीव विग्यान की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है।
उन्होंने कहा, अब तक हम लोगों के पास प्राकृतिक वातारवरण में माइक्रोबियल प्रजातियों की संख्या के सही आकलन को लेकर कोई तरीका उपलब्ध नहीं था। इस अध्ययन का प्रकाशन प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में किया गया है।