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पाकिस्तान का झुकाव रुस, चीन की तरफ, अमेरिका का रुतबा घटा

 Written By: PTI
 Published : Oct 06, 2016 09:34 am IST,  Updated : Oct 06, 2016 09:34 am IST

वाशिंगटन: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के यहां दूतों का कहना है कि अमेरिका अब "विश्व शक्ति" नही रहा है और कश्मीर तथा भारत पर अगर पाकिस्तान के नज़रिये की अनदेखी की गई तो वह

Vawaz, Putin- India TV Hindi
Vawaz, Putin

वाशिंगटन: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के यहां दूतों का कहना है कि अमेरिका अब "विश्व शक्ति" नही रहा है और कश्मीर तथा भारत पर अगर पाकिस्तान के नज़रिये की अनदेखी की गई तो वह (पाकिस्तान) चीन और रुस के ख़ेमे में चला जाएगा। 

कल अटलांटिक कौंसिल की बैठक में कश्मीर पर शरीफ के दूत मुशाहिद हुसैन सईद को ये कहता सुना गया कि "अमेरिका अब सुपर पॉवर नही रहा। उसका दबदबा घट रहा है।" 

अटलांटिक कौंसिल में टॉप अमेरिकी थिंक टैंक होते हैं। 

सईद और एक अन्य दूत शज़रा मंसब कश्मीर में मौजूदा हालात और वहां मानवाधिकार के कथित हनन की जानकारी विश्व को देने के लिए यहां आए हुए हैं। सईद ने तो अमेरिका को ये तक चेतावनी दे डाली कि अगर कश्मीर और भारत पर पाकिस्तान के नज़रिये पर ग़ौर न किया गया तो वह चीन और रुस के ख़ेमे में चला जाएगा। 

सईद कौंसिल की 90 मिनट तक चली बैठक के बाद दर्शकों में से किए गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। बैठक के दौरान सईद ने कश्मीर पर अपने देश की भड़ास निकाली। सईद ने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान की नही सुनी जा रही है इसलिए अब चीन दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण फ़ौक्टर बन गया है। " पाकिस्तान और रुस के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मॉस्को और पाकिस्तान के बीच संबंध बढ़ रहे हैं।' उन्होंने कहा कि पुतिन सरकार पहली बार पाकिस्तान को हथियार बेचने पर राज़ी हुई है और अमेरिका को इस पर ध्यान देना चाहिये।

"दुर्भाग्यवश ओबामा प्रशासन के दौरान हमारे क्षेत्र और अफ़ग़ानिस्तान के प्रति अमेरिकी नीति में बदलाव आया। इस नीति को लेकर काफी असमंजस रहा. ओबामा प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान को समझ नही पाया नतीजतन इस क्षेत्र को नुकसान हुआ। "उसकी नीति बदलती रही। कभी पाकिस्तान से कहा कि वह तालिबान से बात करना चाहते हैं तो कभी कहा कि हम तालिबान से मुक़ाबला करना चाहते हैं। कभी कहा कि वे अमेरिकी सैनिकों को नही भेजेंगे और फिर 8500 सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में भेज दिए।" 

सईद ने कहा, "जब आप काबुल में शांति की बात करते हैं तो आपको कश्मीर में भी शांति सुनिश्चित करनी होगी। अमेरिका ने बोस्निया, कोसोवो और कुर्द में दमित मुस्लिमों की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कश्मीरियों को सिर्फ इसलिए पीढ़ित नहीं होने देना चाहिये क्योंकि कश्मीर में तेल नही है या इसलिए कि कश्मीर यूरोप का हिस्सा नही है या फिर इसलिए कि कश्मीरी एक जाति विशेष के हैं। हम दोहरे मानदंड नहीं अना सकते।" 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अमेरिका के साथ पुराने संबंध हैं जिसे हम जारी रखना चाहेंगे लेकिन हमारे पास विकल्प भी हैं। रुस इस क्षेत्र में दिलटस्पी ले रहा है। वह चीन-पाकिस्तान इकॉनॉमिक कॉरिडार में भी शामिल होना चाहता है। ईरान, तुर्की और सऊदी अरब ने भी CPEC में दिलचस्पी दिखाई है।" 

ईद ने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के लिए नियुक्त अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन को कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर एक डोज़ियर दिया।

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