नई दिल्ली: अमेरिका की एक दवा कंपनी फाइजर ने अपने उत्पादों को निंयत्रित करने का फैसला किया है। फाइजर मे यह फैसला इसलिए लिया है ताकि उनके उत्पादों को जानलेवा इंजेक्शन में इस्तेमाल ना किया जाए। कंपनी का कहना है कि उनके उत्पादों का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए हैं। इसलिए उनके उत्पादों का इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा सुनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिेए। इस पर कंपनी को कड़ी आपत्ति है। DPIC के मुताबिक साल 1976 के बाद 1,436 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी जिसमें से 150 लोगों को लीथल इंजेक्शन से मौत की सजा दी गई थी।
आपको बता दें कि फाइजर ही अमेरिका में आखिरी ऐसी कंपनी बची है जिसकी दवाओं का इस्तेमाल मौत की सजा देने के लिए किया जाता है लेकिन अब फाइजर के इस कदम से अमेरिका में इन दवाओं का आखिरी स्रोत भी खत्म हो जाएगा। इससे पहले भी अमेरिका में कईं दवा निर्माता कंपनी इस तरह के फैसले ले चुकी हैं।
डेथ पैनल्टी इनफोर्मेशन सेंटर के डायरेक्टर रॉबर्ट डनहम का कहना है कि जिन दवाओं का इस्तेमाल मौत की सजा देने के लिए किया जाता है वह दवाएं आम दवा बाजार में नहीं मिलती हैं। अमेरिका में अब तक दी गई 31 मौत की सजाओं में लीथल इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है।