नैरोबी: न्यूयॉर्क में पेरिस जलवायु समझौते पर दुनिया भर के नेताओं द्वारा हस्ताक्षर किया जाना पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिग जैसी आपदा से बचाने की दिशा में किए गए प्रयासों में मील का पत्थर है। केन्या के विशेषज्ञों ने यह बात कही है। ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी पर मानव जीवन के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभर रही है, ऐसे में पेरिस समझौते पर किए गए हस्ताक्षर आशा की किरण के समान है।
एक स्थानीय समाचार पत्र में दो जलवायु विशेषज्ञों वेन्नी खेंबा तथा केनेडी लिती बेवा ने एक लेख में कहा है कि पेरिस जलवायु समझौता न केवल वैश्विक हरित एजेंडे को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि समुदायों व व्यापारियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।
विशेषज्ञों ने कहा, "जिस पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर हुआ, वह जलवायु परिवर्तन से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की दिशा में ऐतिहासिक पल है। वैश्विक राजनीतिक एजेंडे में यह सबसे बड़ी समस्या है।" अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून द्वारा आयोजित पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर के लिए 150 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों व शासनाध्यक्षों को बधाई।
दरअसल प्रकृति के अंधाधुंध दोहन की वजह से धरती पर जंगलों का क्षेत्रफल खतरनाक ढंग से कम हुआ है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और ग्लेशियरों की बर्फ तेज़ी से पिघलने लगी है। यह सब धरती पर मानव जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकते हैं। यही वजह है कि दुनिया के अधिकांश देश वैश्विक हरित एजेंडे को दोबारा जिंदगी देने के लिए इतने गंभीर नज़र आ रहे हैं।